US: संघीय एजेंट्स ने एक और व्यक्ति को सुलाई मौत की नींद, पांच सेकंड में मारी 10 गोलियां

Ved Prakash Sharma
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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US: अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तैनात किए गए संघीय एजेंट्स इस कदर बेलगाम हो चुके हैं कि वे इंसानी जीवन की कीमत ही नहीं समझ रहे हैं. बीते दिनों मिनेसोटा में संघीय एजेंट्स ने एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी. अब मिनियापोलिस में एक बार फिर एक व्यक्ति संघीय एजेंट्स की गोलियों का निशाना बना है.

संघीय एजेंट्स ने शनिवार को मिनियापोलिस में एक 37 वर्षीय व्यक्ति एलेक्स जेफ्री प्रेटी की सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस मामले को लेकर अमेरिका में हंगामा हो गया है.

जाने क्यों हो रहे हैं विरोध-प्रदर्शन

मालूम हो कि अवैध अप्रवासियों के खिलाफ अप्रवासन विभाग के एजेंट्स द्वारा कार्रवाई की जा रही है. डेमोक्रेट्स शासित मिनियापोलिस और मिनेसोटा में इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया जा रहा है, जिसे लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है.

दोनों जगहों पर संघीय एजेंट्स का स्थानीय लोगों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है और बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. बीते दिनों भी मिनेसोटा में एक महिला की संघीय एजेंट्स द्वारा गोली मारकर हत्या की घटना की गई थी.

क्या हुआ घटना के वक्त

घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि कुछ लोग संघीय एजेंट्स का विरोध कर रहे हैं. इस दौरान संघीय एजेंट्स ने एक महिला और एक व्यक्ति 37 वर्षीय एलेक्स जेफ्री प्रेटी को पकड़ने की कोशिश की. पहले दोनों को काबू करने के लिए संघीय एजेंट्स ने पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया.

इस दौरान जेफ्री ने संघीय एजेंट्स से बचने का प्रयास किया और इस बीच थोड़ी धक्कामुक्की हुई. इसी दौरान संघीय एजेंट्स ने जेफ्री पर गोली चला दी. पांच सेकंड्स के दौरान ही करीब 10 गोलियां चलाई गईं.

संघीय एजेंट्स की गोलीबारी में मारा गया एलेक्स जेफ्री एक अमेरिकी नागरिक था और इलियोनिस में पैदा हुआ था. एलेक्स की पढ़ाई विस्कोंसिन में हुई और यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा से उसने स्नातक की पढ़ाई की थी.

एलेक्स जेफ्री एक रिसर्च साइंटिस्ट के तौर पर काम कर चुका था और फिलहाल एक पंजीकृत नर्स था. एलेक्स के पिता ने बताया कि संघीय एजेंट्स द्वारा जिस तरह से लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है, उससे वह बेहद परेशान था और संघीय एजेंट्स के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शनों में शामिल था.

एलेक्स के परिजनों का कहना है कि उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था और उसका कोई अपराधी रिकॉर्ड नहीं था.

होमलैंड सिक्योरिटी ने बयान जारी कर कहा है कि जेफ्री 9 एमएम की सेमी ऑटोमैटिक हैंडगन लेकर बॉर्डर पेट्रोल अफसरों की तरफ बढ़ा था. जिसके बाद संघीय एजेंट्स ने उसे गोली मार दी. हालांकि ये स्पष्ट नहीं किया गया कि क्या उसने अफसरों को बंदूक दिखाई थी या नहीं.

सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि जेफ्री के हाथ में मोबाइल फोन है, लेकिन उसके पास को हथियार नहीं दिख रहा है. एलेक्स जेफ्री के परिजनों ने संघीय एजेंट्स द्वारा उनके बेटे को घरेलू आतंकी कहने पर भी कड़ी नाराजगी जाहिर की और एक लिखित बयान जारी कर इस पर आपत्ति जताई है.

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