Cairo: सूडान में चल रहे खूनी संघर्ष के बीच मिस्र की भी गुप्त एंट्री हो चुकी है. एक रिपोर्ट के अनुसार मिस्र सूडान में रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (RSF) के खिलाफ गुप्त रूप से ड्रोन हमले कर रहा है. यह अभियान मिस्र के पश्चिमी रेगिस्तान में स्थित एक छिपे हुए एयरबेस से संचालित किया जा रहा है जो एक बड़े कृषि प्रोजेक्ट के बीच मौजूद बताया गया है. इससे यही साबित हो रहा है कि सूडान के गृहयुद्ध में UAE सीधे कूद गया है.
सीधे सैन्य दखल के संकेत
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्वीरों, उड़ान रिकॉर्ड, वीडियो फुटेज और अधिकारियों के इंटरव्यू के आधार पर दावा किया गया है कि ये ड्रोन हमले पिछले छह महीनों से चल रहे हैं. इससे पहले तक मिस्र की भूमिका सूडान संकट में कूटनीतिक मानी जाती थी लेकिन अब उसके सीधे सैन्य दखल के संकेत मिल रहे हैं. मिस्र सूडान सरकार और सूडानी आर्म्ड फोर्सेस (SAF) के समर्थन में खड़ा है.
रैपिड सपोर्ट फोर्स से भारी नुकसान
हाल के महीनों में सूडानी सेना को रैपिड सपोर्ट फोर्स से भारी नुकसान उठाना पड़ा है. खासतौर पर नॉर्थ दारफुर के एल-फाशेर शहर में RSF के कब्जे के बाद हालात बेहद भयावह हो गए, जहां हजारों आम नागरिकों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक एल-फाशेर पर RSF के कब्जे के बाद मिस्र और तुर्की ने SAF को सैन्य मदद बढ़ाने पर सहमति जताई थी.
RSF के सप्लाई काफिलों पर बमबारी
इससे पहले जनवरी में यह भी सामने आया था कि मिस्र ने अपने क्षेत्र के पास से गुजर रहे RSF के सप्लाई काफिलों पर बमबारी शुरू कर दी है. मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी ने एल-फाशेर में हुई तबाही को रेड लाइन करार दिया था. इसके बाद से मिस्र की सैन्य गतिविधियों को और गंभीरता से देखा जा रहा है.
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