बिना बारूद-गोले के अमेरिका को टारगेट करेगा चीन, जानें कितना पावरफुल है रूस का साइनस-7

Must Read

High-Power Microwaves : हथियारो की दुनिया में चीन ने एक बार फिर कारनामा किया और अमेरिका-यूरोप समेत पूरी दुनिया को चौंका दिया है. बता दें कि चीन ने ऐसा हथियार विकसित करने का दावा किया है, जो बिना बारूद, बम-गोलों के टारगेट को ध्‍वस्‍त कर देगा. इसे लेकर चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि ये हथियार इतना पावरफुल है कि स्‍पेस में तैनात सेटेलाइट को खाक में मिला सकता है. जानकारी देते हुए उन्‍होंने बताया कि इसे स्‍टारलिंक किलर भी कहा जा रहा है, जो एलन मस्‍क की सैटेलाइट को डि-लिंक कर सकता है.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार चीन ने हाई-पावर माइक्रोवेव (HPM) हथियार विकसित किया है, जिसे वैज्ञानिक इनविजिबल हंटर करार दे रहे हैं. इसे लेकर चीनी मीडिया का कहना है कि यह सिस्‍टम एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के स्टारलिंक सैटेलाइट नेटवर्क को बिना एंटी-सैटेलाइट मिसाइलों के ही डि-लिंक कर सकता है. इसके साथ ही इसे 20 गीगावॉट तक की शक्ति देने वाला कॉम्पैक्ट ड्राइवर बताया जा रहा है, जो कि जमीन, समुद्र, हवा या अंतरिक्ष किसी भी प्लेटफॉर्म से तैनात किया जा सकता है.

बीजिंग ने जताई आशंका

बता दें कि यह दावा ऐसे समय में आया है जब ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है और साथ ही बीजिंग को आशंका जताते हुए कहा कि किसी संभावित संकट की स्थिति में स्टारलिंक अमेरिका और उसके सहयोगियों को कम्युनिकेशन, निगरानी और टारगेट पर हमले को लेकर बढ़त दिला सकता है. प्राप्‍त जानकारी के अनुसार रूस-यूक्रेन युद्ध में स्टारलिंक की भूमिका ने भी सैन्य रणनीतिकारों का ध्यान खींचा है. जिससे यूक्रेन को वॉर-टाइम कम्‍यूनिकेशन सिस्‍टम में बड़ा लाभ मिला.

हाई-एनर्जी पल्स पैदा करने में सक्षम

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के शीआन स्थित नॉर्थवेस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी (NINT) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने TPG1000Cs नामक ड्राइवर विकसित करने का दावा किया है, इसके साथ ही उन्‍होंने इसे दुनिया का पहला कॉम्पैक्ट हाई-पावर माइक्रोवेव ड्राइवर बताया. रिसर्चर्स के अनुसार कहा जा रहा है कि ये इक्विपमेंट एक मिनट तक 20 गीगावॉट तक की शक्ति दे सकता है और साथ ही एक सेशन में 3000 तक हाई-एनर्जी पल्स पैदा करने में सक्षम है.

TPG1000Cs की खासियत

जानकारी के मुताबिक, रूस की साइनस-7 सिस्‍टम का वजन करीब 10 टन बताया गया था, जो कि सिर्फ 1 सेकंड तक काम कर पाता था और प्रति बर्स्ट लगभग 100 पल्स देता था. वहीं TPG1000Cs की लंबाई करीब 4 मीटर और वजन लगभग 5 टन बताया गया है. इतना ही नही बल्कि इसे ट्रक, युद्धपोत, विमान या सैटेलाइट प्लेटफॉर्म पर भी लगाया जा सकता है. इसे लेकर NINT की टीम ने कहा कि इस सिस्टम ने अब तक 2 लाख से अधिक ऑपरेशनल पल्स जमा किए हैं, जिससे इसकी विश्वसनीयता सिद्ध होती है और मल्‍टी-प्लेटफॉर्म डिप्‍लॉयमेंट का रास्ता खुलता है.

चीनी रिपोर्ट का दावा

इसके साथ ही चीनी रिपोर्ट में दावा किया गया कि अगर TPG1000Cs जैसे सिस्टम को स्पेस में तैनात किया गया तो इसके ना दिखाई देने वाले हमले और भी घातक होंगे. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे पारंपरिक हथियारों की तरह मलबा पैदा नहीं करते और बिना किसी विजिबलिटी के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को डी-लिंक कर देते हैं.

नागरिक परिसंपत्तियों को बचाने में मददगार

बता दें कि TPG1000Cs का विकास चीन की उस रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है और इसी के जरिए बीजिंग स्टारलिंक-किलर हथियारों का निर्माण कर रहा है. इसको लेकर चीनी सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि शांति काल में स्टारलिंक जैसे नेटवर्क का इस्तेमाल निगरानी और टोही के लिए किया जा सकता है, जबकि जंग के हालात में ये चीन की महत्वपूर्ण सैन्य और नागरिक परिसंपत्तियों को बचाने में मददगार साबित हो सकता है.

इसे भी पढ़ें :- मशहूर एक्टर का महज 48 साल की उम्र में निधन, कैंसर ने ली जान, हॉलीवुड में शोक की लहर

Latest News

चुकन्दर के जादुई फायदे, चेहरे पर गुलाबी-फ्रेश निखार लाने के लिए स्किन केयर रूटीन में करें शामिल

Beetroot : आज से अपने स्किन केयर रूटीन में चुकंदर के गूदे को शामिल कर लीजिए. ऐसा करने से...

More Articles Like This