Sambhal News: यूपी के संभल में अवैध कब्जे पर बुलडोजर का प्रहार हुआ है. संभल जिले में आज (गुरुवार) को कथित सरकारी जमीन पर बने एक मदरसे और सात घरों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया है. यह कार्रवाई तहसील कोर्ट द्वारा जारी नोटिस की समयसीमा खत्म होने के बाद की गई है. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह अवैध निर्माण खाद के गड्ढों और एक सार्वजनिक सड़क के पास सरकारी जमीन पर किया गया था. इसके अलावा यह जमीन पेड़-पौधों के लिए रिजर्व थी और वहां किसी भी निजी निर्माण की अनुमति नहीं थी. जांच और पैमाइश के दौरान रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने साफ तौर पर पुष्टि की कि जमीन ग्राम सभा की है और सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए है.
अवैध कब्जा हटाने के लिए जारी किया था नोटिस
तहसील कोर्ट ने पहले भी अवैध रूप से कब्जा करने वालों को नोटिस जारी कर अपनी मर्ज़ी से निर्माण हटाने का निर्देश दिया था. अधिकारियों ने उन्हें अपनी मर्ज़ी से अवैध निर्माण हटाने के लिए एक तय समय दिया था. हालांकि, जब समयसीमा खत्म हो गई और कोई कार्रवाई नहीं हुई तो प्रशासन ने बुलडोजर से मदरसा और घरों को गिरवा दिया है. कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. सुरक्षा के इंतजाम के तौर पर किसी भी तरह की अफरा-तफरी या तनाव को रोकने के लिए प्रोविंशियल आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) और लोकल पुलिस को मौके पर तैनाती की गई थी. एडमिनिस्ट्रेशन ने पूरी कार्रवाई शांति से की और गैर-कानूनी स्ट्रक्चर को गिरा दिया.
कंस्ट्रक्शन का खर्च वसूला जाएगा
अधिकारियों का कहना है कि मदरसा और सात घर पूरी तरह से नियमों को तोड़कर बनाए गए थे. बताया जा रहा है कि ये कंस्ट्रक्शन पिछली समाजवादी पार्टी सरकार के समय हुए थे और उस समय इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी. जिला एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि यह कैंपेन सिर्फ़ इसी इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे संभल जिले में सरकारी जमीन पर गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन के खिलाफ चलाया जा रहा है. एडमिनिस्ट्रेटिव सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, उनसे कंस्ट्रक्शन का खर्च वसूला जाएगा.
इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन पर लंबे समय से कब्जा था और कई शिकायतें भी की गई थीं. अब एडमिनिस्ट्रेशन की सख़्ती के बाद कब्ज़े हटाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को सरकारी सड़कें और जमीन वापस मिल रही हैं. जिला एडमिनिस्ट्रेशन ने साफ किया है कि ऐसे सभी गैर-कानूनी स्ट्रक्चर के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. किसी को भी सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

