Morgan Stanley Report: मॉर्गन स्टेनली की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत की आर्थिक वृद्धि दर मजबूत बनी रहने की संभावना है. घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर मांग में सुधार के कारण वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.5% या उससे अधिक विकास दर का अनुमान लगाया जा रहा है. वैश्विक ब्रोकरेज फर्म ने अपने बयान में कहा कि वह भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को लेकर आशावादी बनी हुई है और आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन के बेहतर रहने की उम्मीद है.
घरेलू मांग और निर्यात में सुधार के संकेत
रिपोर्ट में कहा गया, हाल के उच्च आवृत्ति संकेतक मजबूत बने हुए हैं, जो घरेलू मांग में सुधार का संकेत देते हैं. हमें उम्मीद है कि अनुकूल व्यापक आर्थिक स्थिरता के माहौल में नीतियां विकास के समर्थन में बनी रहेंगी. बाहरी मांग के मोर्चे पर भी सुधार की उम्मीद जताई गई है, खासकर वस्तु निर्यात के क्षेत्र में. हाल ही में शुल्क दरें अपने 50 प्रतिशत के उच्च स्तर से काफी कम हुई हैं और भारत ने कई मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को सफलतापूर्वक पूरा किया है.
GDP और GVA के ताजा आंकड़े
संशोधित जीडीपी श्रृंखला के अनुसार वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी और सकल मूल्य वर्धन (GVA) दोनों 7.8% दर्ज किए गए, जो पिछली तिमाही की तुलना में थोड़े कम हैं. सरकार ने जीडीपी की गणना के लिए आधार वर्ष को अपडेट करते हुए 2011-12 की जगह 2022-23 कर दिया है. यह बदलाव अर्थव्यवस्था की वर्तमान संरचना और गतिविधियों को अधिक सटीक रूप से दर्शाने के उद्देश्य से किया गया है. संशोधित आंकड़े जून 2022 तिमाही से लागू किए गए हैं.
नया आधार वर्ष और बेहतर डेटा पद्धति
नए आधार वर्ष से अर्थव्यवस्था की वास्तविक वृद्धि दर का अधिक सटीक आकलन संभव होगा. इसमें असंगठित और डिजिटल क्षेत्रों के बेहतर मूल्यांकन, दोहरी अपस्फीति जैसी उन्नत सांख्यिकीय पद्धतियों, आपूर्ति-उपयोग तालिका फ्रेमवर्क तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप डेटा संग्रह और विश्लेषण को शामिल किया गया है. साथ ही जीएसटी संग्रह, ई-वाहन आंकड़े और सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) जैसे नए स्रोतों को भी जोड़ा गया है. पूरे FY26 के लिए वृद्धि दर 7.6% आंकी गई है, जो पुराने आधार वर्ष के अनुसार अनुमानित 7.4% से थोड़ी अधिक है.
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