Iran Israel War: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयब एर्दोगन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है. दोनों ने एक-दूसरे पर अब तक के सबसे तीखे हमले किए हैं. राष्ट्रपति एर्दोगन ने इजरायल की सैन्य कार्रवाई को तुर्की की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है, वहीं पीएम नेतन्याहू ने भी पलटवार करते हुए एर्दोगन को एक ‘तानाशाह’ बताया है.
एर्दोगन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके तंत्र पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि नेतन्याहू और उनका ‘आपराधिक नेटवर्क’ जिस तरह से सीरिया और लेबनान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा है, वह अब हद से बाहर हो चुका है. इतना ही नही उन्होंने सीरिया और लेबनान को तुर्की का ‘भाई जैसा देश’ बताते हुए चिंता जाहिर की है.
तुर्की की संप्रभुता और सुरक्षा को सीधा खतरा
तुर्की के राष्ट्रपति ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इजरायल की यह आक्रामक सैन्य नीतियां अब केवल सीरिया और लेबनान तक सीमित नहीं रही हैं. ये अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच चुकी हैं, जिससे खुद तुर्की की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है.
नेतन्याहू का पलटवार
एर्दोगन के इस बयान के तुरंत बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया. उन्होंने एर्दोगन के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें ‘यहूदी-विरोधी तानाशाह’ तक कह डाला. नेतन्याहू ने कहा कि जो व्यक्ति खुद अपने देश और पड़ोस में दमनकारी नीतियां चला रहा है, उसे इजरायल को नैतिकता का पाठ पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है.
नेतन्याहू ने एर्दोगन पर आरोप लगाते हुए कहा कि तुर्की के राष्ट्रपति खुद कुर्द समुदाय के खिलाफ हिंसा और नरसंहार में शामिल हैं. साथ ही उन्होंने दावा किया कि एर्दोगन खुले तौर पर हमास जैसे आतंकवादी संगठन का समर्थन करते हैं. वो अपने ही देश के लोगों पर अत्याचार करते हैं और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को जेल में डाल देते हैं.
इजरायली सेना को बताया दुनिया की सबसे ‘नैतिक सेना’
बेंजामिन नेतन्याहू ने एर्दोगन की आलोचनाओं का जवाब देते हुए इजरायली डिफेंस फोर्सेज का बचाव किया. उन्होंने दावा किया कि इजरायल देश और उसकी सेना दुनिया की सबसे नैतिक सेना है. इस दौरान नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपनी सुरक्षा और अस्मिता से कोई समझौता नहीं करेगा और दुश्मनों के खिलाफ उसकी कार्रवाई जारी रहेगी. नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल की सेना ईरान और उसके समर्थक उग्रवादी गुटों (प्रॉक्सियों) के खिलाफ अपनी पूरी ताकत से सैन्य कार्रवाई जारी रखेगी.

