US Isreal Iran War: संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा कि ने कहा कि ईरान में अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 1332 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं.
देशभर में 180 से अधिक बच्चों की मौत
अमीर सईद इरावानी ने बताया कि देशभर में 180 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक स्कूलों को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने यह जानकारी ईरानियन रेड क्रेसेंट सोसाइटी के हवाले से न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों को दी. इरावानी ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया है, जिससे यह साबित होता है कि वे अपने अपराधों में “कोई लाल रेखा नहीं मानते.”
ईरान के शहरों पर अंधाधुंध हमले किए जा रहे US Isreal Iran War
उन्होंने कहा कि ईरान के शहरों पर अंधाधुंध हमले किए जा रहे हैं और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों तथा महत्वपूर्ण नागरिक ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है. ये कृत्य स्पष्ट रूप से युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध हैं. इरावानी के अनुसार अब तक देश में 13 स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमले किए गए हैं. गुरुवार को तेहरान और अन्य शहरों में कई नागरिक खेल और मनोरंजन स्थलों को भी निशाना बनाया गया, जिसमें 18 से अधिक महिला एथलीटों की मौत हुई और लगभग 100 अन्य घायल हुए.
सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने के दावे बेबुनियाद हैं
उन्होंने कहा, “अमेरिका-इजरायल का उद्देश्य स्पष्ट है- नागरिकों में आतंक फैलाना, निर्दोष लोगों का नरसंहार करना और अधिकतम विनाश तथा पीड़ा पैदा करना.” केवल सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने के दावे बेबुनियाद हैं. इरावानी ने कहा कि ईरान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-51 के तहत अपने आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग तब तक करता रहेगा जब तक आक्रामकता बंद नहीं होती. ईरान की प्रतिक्रिया “कानूनी, आवश्यक और अनुपातिक” है और इसका लक्ष्य केवल हमलावरों के सैन्य ठिकाने हैं.
ईरान युद्ध नहीं चाहता
उन्होंने कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता लेकिन वह अपनी संप्रभुता कभी नहीं छोड़ेगा और अपने लोगों, क्षेत्र और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा.” ट्रंप द्वारा ईरान में नए सर्वोच्च नेता के चुनाव संबंधी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए इरावानी ने कहा कि यह राज्यों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांत का स्पष्ट उल्लंघन है, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर में निहित है. ईरान किसी भी विदेशी शक्ति को अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देगा. ईरानी राजदूत ने सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों से इस “आक्रामकता और युद्ध अपराधों” की निंदा करने और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने इस हमले को रोकने की अपील की. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अब तुरंत, स्पष्ट और बिना देरी के कार्रवाई करनी चाहिए.”

