CM Yogi: अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावा चोरी पर हल्ला मचाने वाले विरोधी दलों पर ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सवाल उठा दिया. सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र प्रारंभ होने से पहले सीएम ने विपक्ष के नेताओं को राम मंदिर से चढ़ावा चोरी पर कुछ भी बोलने से पहले सोचने का आग्रह किया.
सीएम योगी ने राम मंदिर के चढ़ावा चोरी पर विरोधी दलों के नेताओं पर सवालिया निशाना खड़ा करते हुए कहा कि जो लोग अयोध्या के मुद्दे को उठा रहे हैं, उन्होंने जयश्रीराम बोलने पर रामभक्तों पर लाठी-गोली चलवाई थी. राम मंदिर के खिलाफ न्यायालय में वकीलों की फौज खड़ी कर इसे बाधित करने का कुत्सित प्रयास किया. राम मंदिर में चंदा चोरी की बात वे सब लोग कर रहे हैं, जिनके जेब से मंदिर निर्माण के लिए एक पैसा भी नहीं निकला. देश-दुनिया इनका दोहरे चरित्र देख रही है.
नकारात्मकता की राजनीति त्यागें विपक्ष के साथीः सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सत्र हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सदन के समय का बेहतर उपयोग हो. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश के हित और 25 करोड़ आमजन के विकास के लिए विधानमंडल की कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने के लिए विपक्ष के साथी नकारात्मकता की राजनीति को छोड़कर प्रदेश के विकास व समृद्धि में योगदान देंगे. सीएम योगी ने कहा कि विधायिका आमजन की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम होती है.
संसदीय प्रणाली में विधायिका गरीब, किसान, युवा और महिला से जुड़े मुद्दों पर चर्चा, समीक्षा और परिणाम तक पहुंचाने का सबसे अच्छा प्लेटफॉर्म है. हर जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्या को रखकर सरकार से समाधान का रास्ता निकलवा सकता है. इस प्लेटफॉर्म का बेहतर उपयोग हो, यह भाजपा नेतृत्व की एनडीए सरकार की सदैव प्राथमिकता रही है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने नौ वर्षों में छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से उबारकर मध्यम श्रेणी में लाकर यदि उनके जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयास किया है तो उसकी केंद्रबिंदु विधायिका है, क्योंकि यहीं नीतियां बनती हैं. उससे पहले चर्चा-परिचर्चा होती है. विधायिका सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स, शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन, किसान, निवेश, रोजगार आदि पर चर्चा करने का भी सशक्त माध्यम है.
एक-डेढ़ सप्ताह में आउटसोर्स कमीशन, न्यूनतम मानदेय होगा तय
सीएम योगी ने एक बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि सरकार एक-डेढ़ सप्ताह में आउटसोर्स कमीशन को लागू करने के साथ ही न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित करने जा रही है. आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं, रसोइयों व ग्राम चौकीदारों को भी उचित मानदेय प्राप्त हो और उनकी सेवाएं प्रदेश के हित को संवर्धित करने के लिए कार्य करें, इसके लिए अनुपूरक बजट का सहारा लिया गया है.

