Tomato Juice vs Pomegranate Juice: हाई बीपी के मरीजों के लिए अनार या टमाटर, कौन सा जूस है ज्यादा फायदेमंद?

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Tomato Juice vs Pomegranate Juice: हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन की समस्या से जूझ रहे लोगों को खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है. ऐसे में अनार और टमाटर का जूस पौष्टिक विकल्प माने जाते हैं. इन दोनों में ऐसे पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो दिल की सेहत को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, सवाल यह है कि हाई बीपी के मरीजों के लिए अनार का जूस ज्यादा फायदेमंद है या टमाटर का? दोनों जूस के अपने-अपने फायदे हैं. इनके प्रभावों की सीधे तुलना करने वाली रिसर्च सीमित है, इसलिए किसी एक को हर व्यक्ति के लिए बेहतर कहना सही नहीं होगा. फिर भी, इनके पोषक तत्वों और शुगर की मात्रा के आधार पर इनके बीच कुछ अंतर समझे जा सकते हैं.

हाई बीपी क्या होता है?

हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप एक ऐसी स्थिति है, जिसमें धमनियों की दीवारों पर रक्त का दबाव लगातार बढ़ा रहता है. लंबे समय तक बीपी बढ़ा रहने से हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है. ब्लड प्रेशर की सामान्य रीडिंग आमतौर पर 120/80 mm Hg से कम मानी जाती है. 130/80 mm Hg या इससे अधिक की रीडिंग को कई दिशानिर्देशों में हाई बीपी की श्रेणी में रखा जाता है. हालांकि, इसकी श्रेणियां अलग-अलग दिशानिर्देशों के अनुसार कुछ भिन्न हो सकती हैं. ज्यादा नमक का सेवन, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी, मानसिक तनाव, धूम्रपान और शराब का सेवन बीपी बढ़ने से जुड़े कारक हो सकते हैं. परिवार में हाई बीपी की समस्या होने पर आनुवंशिक कारणों से भी इसका जोखिम बढ़ सकता है.

टमाटर का जूस या अनार का जूस, कौन सा ज्यादा फायदेमंद?

अनार और टमाटर, दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर हैं. अनार के जूस में पॉलीफेनोल्स और एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. कुछ शोधों में अनार के जूस का सेवन ब्लड प्रेशर में कमी से जुड़ा पाया गया है. यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, हालांकि इसके असर को लेकर और शोध की जरूरत है. वहीं, टमाटर में लाइकोपीन नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है.

यह शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकता है. टमाटर में मौजूद पोषक तत्वों को हृदय स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना जाता है. इस तरह दोनों जूस दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन इनका सेवन हाई बीपी की दवा का विकल्प नहीं है.

अनार का जूस क्यों पिएं?

अनार के जूस में मौजूद पॉलीफेनोल्स और एंथोसायनिन जैसे तत्व शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं. कुछ अध्ययनों में इसके सेवन से रक्तचाप में सुधार के संकेत मिले हैं. हालांकि, अनार के जूस में प्राकृतिक शुगर और कैलोरी की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकती है. एक कप अनार के जूस में लगभग 34 ग्राम प्राकृतिक शुगर हो सकती है.

इसकी वास्तविक मात्रा जूस की किस्म और बनाने के तरीके पर निर्भर करती है. इसलिए प्री-डायबिटीज, डायबिटीज या वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोगों को इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए. जूस की जगह साबुत अनार खाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि पूरे फल से फाइबर भी मिलता है.

टमाटर का जूस पीने के फायदे

टमाटर के जूस में लाइकोपीन और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. लाइकोपीन एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो कोशिकाओं को ऑक्सिडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकता है. पोटेशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को संतुलित करने और रक्तचाप के सामान्य नियमन में भूमिका निभाता है. टमाटर के जूस में आमतौर पर अनार के जूस की तुलना में शुगर कम होती है. एक कप टमाटर के जूस में लगभग 6 ग्राम शुगर हो सकती है,

हालांकि यह मात्रा उत्पाद और उसकी तैयारी के अनुसार बदल सकती है. लेकिन हाई बीपी के मरीजों को टमाटर का जूस चुनते समय सावधानी रखनी चाहिए. खासकर डिब्बाबंद या पैकेट वाले जूस में अतिरिक्त नमक यानी सोडियम मिलाया जा सकता है. ज्यादा सोडियम का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है. इसलिए बिना अतिरिक्त नमक वाला जूस चुनना बेहतर है.

दोनों में से कौन सा जूस पीना चाहिए?

अनार और टमाटर के जूस में अलग-अलग पोषक तत्व होते हैं. अनार का जूस पॉलीफेनोल्स और एंथोसायनिन का स्रोत है, जबकि टमाटर का जूस लाइकोपीन और पोटेशियम प्रदान करता है. दोनों ही संतुलित खानपान का हिस्सा बन सकते हैं. अगर आपको डायबिटीज या ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या नहीं है, तो सीमित मात्रा में अनार का जूस लिया जा सकता है. वहीं, कम शुगर वाला विकल्प तलाश रहे लोग बिना अतिरिक्त नमक वाला टमाटर का जूस चुन सकते हैं. किसी भी स्थिति में जूस की मात्रा, उसमें मौजूद शुगर और सोडियम का ध्यान रखना जरूरी है.

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