Crude oil : पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने चेतावनी दी और कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से पाकिस्तान का मासिक तेल इंपोर्ट बिल $600 मिलियन तक बढ़ सकता है. बता दें कि पाकिस्तानी वित्त मंत्री का ये बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक तेल बाजार मौजूदा संकट पर तेजी से प्रतिक्रिया दे रहा है. इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के लेवल को पार कर गईं. बता दें कि इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 118.22 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड शुक्रवार के 90.90 डॉलर के बंद भाव से लगभग 30% बढ़कर 118.21 डॉलर पर पहुंच गया.
पाक ने पेट्रोलियम राहत के लिए किया IMF
तेल की कीमतों में उछाल को देखते हुए पाकिस्तान ने पेट्रोलियम लेवी पर राहत के लिए IMF का रुख किया है. इसके साथ ही पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इसकी पुष्टि भी कर दी है. इसके साथ ही औरंगजेब ने मौजूदा संघर्ष के कारण बढ़ते आर्थिक दबाव के बारे में बताया. ऐसे में अगर संकट जारी रहता है तो पाकिस्तान का मासिक तेल इंपोर्ट बिल $600 मिलियन तक बढ़ सकता है. सरकार कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के वित्तीय असर को कम करने के लिए इमरजेंसी प्लान तैयार कर रही है.
तेल की कीमतों से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर
प्राप्त जानकारी के अनुसार अली परवेज मलिक ने बताया कि तीन पेट्रोलियम शिपमेंट आने की उम्मीद है, लेकिन चेतावनी देते हुए कहा कि LNG सप्लाई में रुकावट चिंता का विषय बनी हुई है. इतना ही नही बल्कि उन्होंने ये भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के आगे दूसरे रूट के लिए ओमान, सऊदी अरब और यूएई के साथ बातचीत चल रही है. जानकारी के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान सरकार ने 7 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की थी. पेट्रोल-डीजल की कीमतों की बढ़ोतरी से देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ने की संभावना है.
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