सैन्‍य अभियान से मिली बड़ी कामयाबी, ईरान को पहुंची चोट, ट्रंप बोले- खत्‍म हुआ हर खतरा

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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US Israel Attack: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच इस समय तनाव अपने चरम पर है. दोनों पक्षों की ओर से लगातार हमले किए जा रहें है. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान “बहुत अच्छी तरह” आगे बढ़ रहे हैं और अमेरिकी बलों ने बड़े पैमाने पर हमले करते हुए “बहुत बड़ी कामयाबियां” हासिल की हैं, क्योंकि मध्य-पूर्व में संघर्ष तेज होता जा रहा है.

ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सैन्य अभियान सफल रहा है और इससे ईरान की क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है. उन्‍होंने कहा कि “ईरान की स्थिति बहुत अच्छी है. आज बहुत बड़े हमले हुए हैं, बहुत बड़ी जीत मिली है, जैसा कि आपने सैन्य स्तर पर सुना होगा. मुझे लगता है कि सब कुछ बहुत अच्छी तरह नियंत्रण में है.”

परमाणु खतरे को कम करने के लिए चलाया जा रहा अभियान

राष्ट्रपति ने कहा कि यह अभियान उस परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है, जिसे उनके मुताबिक ईरान से पैदा हो रहा था. उन्होंने कहा कि  “हमें मध्य-पूर्व और पूरी दुनिया में मौजूद परमाणु खतरे को खत्म करना था और हम इसे खत्म करके रहेंगे.”

ईरानी सेना हो चुकी है काफी कमजोर

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि लड़ाई के दौरान ईरानी सेना को काफी कमजोर कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि “मेरे लिए इसका मतलब बहुत साफ है कि हम ऐसी प्रभुत्व वाली स्थिति में हैं, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई.” इसके अलावा, बिना किसी शर्त आत्मसमर्पण की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि “उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनकी ज्यादातर सेना खत्म हो चुकी है. उनका बड़ा खतरा हर तरह से खत्म हो गया है.”

ईरान की वायु रक्षा और रडार सिस्‍टम को किया गया निष्‍क्रिय

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की वायु रक्षा और रडार प्रणालियों को बड़े पैमाने पर निष्क्रिय कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि “उनके पास रडार नहीं है, ज्यादातर मामलों में उनके पास एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार नहीं हैं. लगभग सब कुछ खत्म हो चुका है और आप यह देखेंगे.”

वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है संघर्ष का असर

संघर्ष कितने समय तक चलेगा, इस सवाल पर ट्रंप ने कोई निश्चित समयसीमा देने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि अभियान उम्मीद से कहीं तेज गति से आगे बढ़ रहा है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है, लेकिन उनका मानना है कि हालात सामान्य होते ही कीमतों में गिरावट आएगी.

कम होंगी सभी चीजों की कीमत

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जैसे ही यह सब खत्म होगा, पेट्रोल की कीमतें तेजी से गिरेंगी. ऊर्जा से जुड़ी हर चीज की कीमतों में बड़ी कमी देखने को मिलेगी.”

ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने इस मुद्दे पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की है. उन्होंने कहा कि “हां, मैंने उनसे बात की है. हम इस मुद्दे पर और कुछ अन्य विषयों पर भी चर्चा कर रहे हैं.” साथ ही उन्‍होंने ये भी स्‍वीकार किया कि इस मामले में इजरायल के नेतृत्व से भी बातचीत हुई है, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और इजरायल के रणनीतिक लक्ष्य कुछ हद तक अलग हो सकते हैं. यहां उनका इशारा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर था.

दुनिया में कभी नहीं रही अमेरिका जैसी शक्ति

ट्रंप ने कहा कि “मुझे लगता है कि उनका नजरिया थोड़ा अलग हो सकता है, क्योंकि वे एक अलग देश हैं.” फिर भी उन्होंने अमेरिकी सैन्य बल की प्रशंसा करते हुए कहा, “वह आपको बताएंगे कि संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी ताकत दुनिया में कभी नहीं रही.”

ये बयान ऐसे समय आए हैं जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी चिंता बढ़ रही है, जिसके जरिए दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल गुजरता है.

इसे भी पढें:-अमेरिका और ईरान के बीच होगी अब तक की सबसे बड़ी जंग? ट्रंप ने 2500 सैनिकों के साथ भेजा युद्धपोत

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