Patharchatta Plant Farming : आज के समय में खेती का तरीका तेजी से बदल रहा है. अब किसान सिर्फ गेहूं, धान या सब्जियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि औषधीय पौधों की खेती की ओर भी ध्यान दे रहे हैं. बता दें कि इसकी सबसे बड़ी वजह कम खर्च में ज्यादा मुनाफा है. इसके साथ ही बाजार में आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे ऐसे पौधों की खेती किसानों के लिए एक अच्छा ऑप्शन बन गया है. ऐसे में अगर आप अच्छी फसल के साथ अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो पत्थरचट्टा का पौधा आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. बता दें कि यह पौधा औषधीय गुणों से भरपूर होता है और इसकी बाजार में हमेशा मांग बनी रहती है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार पत्थरचट्टा एक औषधीय पौधा है और इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है. बताया जा रहा कि इसकी पत्तियां विशेष रूप से फायदेमंद मानी जाती हैं. यह पौधा पेट की समस्याओं, किडनी स्टोन, खांसी, सूजन और कई अन्य बीमारियों में उपयोगी होता है. साथ ही आजकल लोग प्राकृतिक उपचार की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं, जिससे इस पौधे की मांग तेजी से बढ़ रही है.
इतनी आसान है इसकी खेती
इसकी खासियत यह भी है कि इसे उगाने के लिए बीज की जरूरत नहीं होती है. इसकी पत्तियों से ही नए पौधे तैयार हो जाते हैं. इसे उगाने के लिए एक पत्ती को मिट्टी पर रख दें, कुछ दिनों में उसमें से छोटे-छोटे पौधे निकलने लगते हैं. बता दें कि इस तरह एक पौधे से कई नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं, जिससे लागत बहुत कम हो जाती है. इसके साथ ही कुछ ही दिनों में यह पौधा उपयोग के लिए तैयार हो जाता है.
हल्की रेतीली मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ता है
जानकारी के मुताबिक, इस पौधे को उगाने के लिए ज्यादा उपजाऊ जमीन की जरूरत नहीं होती है. बताया जा रहा है कि यह सामान्य दोमट या हल्की रेतीली मिट्टी में भी अच्छी तरह बढ़ता है. इसके साथ ही इसे उगाने के लिए आप खेत, गमले या नर्सरी का उपयोग कर सकते हैं और यहां अच्छे से इसे उगाया जा सकता है. सबसे महत्वपूर्ण बात इसे रोजाना 4 से 5 घंटे धूप मिलनी चाहिए और ज्यादा ठंड से इसे बचाना जरूरी है. जब मिट्टी सूखी लगे तभी हल्की सिंचाई करें. साथ ही समय-समय पर सूखे या खराब पत्तों को हटाते रहें.
पत्थरचट्टा की खेती में सबसे बड़ा फायदा
इसके साथ ही इस पौधे की बाजार में अच्छी मांग है. क्योंकि यह आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली कंपनियां, हर्बल प्रोडक्ट बनाने वाले लोग और नर्सरी वाले इसे खरीदते हैं. इतना ही नही बल्कि लोग इसे अपने घरों में भी लगाना पसंद करते हैं, जिसकी वजह से इसकी बिक्री और बढ़ जाती है. बता दें कि इसका एक पौधा 30 से 50 रुपये तक आसानी से बिक सकता है, जिससे किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं. पत्थरचट्टा की खेती में सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें लागत बहुत कम आती है और मुनाफा अच्छा मिलता है. अगर सही तरीके से इसकी खेती की जाए और बाजार से सीधा जुड़ाव रखा जाए, तो किसान सालाना लाखों रुपये तक कमा सकते हैं.
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