India Export Forecast: वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 111.9 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है भारत का निर्यात

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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India Export Forecast: दुनिया भर में जारी आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के निर्यात क्षेत्र को लेकर एक सकारात्मक रिपोर्ट सामने आई है. सरकार समर्थित एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ इंडिया यानी इंडिया एक्जिम बैंक ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2027 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत का कुल मर्चेंडाइज निर्यात 111.9 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मामूली बढ़ोतरी को दर्शाता है. ऐसे समय में जब दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं दबाव में हैं, भारत के निर्यात में संभावित बढ़ोतरी को अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है.

नॉन-ऑयल निर्यात में भी बढ़ोतरी का अनुमान

इंडिया एक्जिम बैंक की ताजा तिमाही निर्यात आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत का नॉन-ऑयल निर्यात 97.8 अरब डॉलर रहने का अनुमान है. यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में करीब 3.5 प्रतिशत की वृद्धि को दिखाता है. वहीं नॉन-ऑयल और नॉन-जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात 90.4 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया गया है, जो लगभग 3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दर्शाता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के निर्यात क्षेत्र को कई सकारात्मक कारकों से समर्थन मिल सकता है, जिसकी वजह से आने वाले समय में निर्यात की रफ्तार बनी रह सकती है.

किन वजहों से बढ़ सकता है निर्यात?

बैंक के अनुसार भारत के नॉन-ऑयल निर्यात में वृद्धि को निर्यात के बढ़ते भौगोलिक विस्तार से मदद मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा सरकार की ओर से समय पर किए गए नीतिगत हस्तक्षेप और आपातकालीन ऋण सहायता उपाय भी निर्यात क्षेत्र को मजबूती दे सकते हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हाल ही में कुछ देशों के साथ हुए व्यापार समझौते भी भारत के नॉन-ऑयल निर्यात क्षेत्रों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं. इसके अलावा वैश्विक मांग में संभावित सुधार और विनिमय दरों में अनुकूल बदलाव भी भारत के निर्यात आउटलुक को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

वैश्विक जोखिम अब भी बने हुए

हालांकि रिपोर्ट में कुछ बड़े जोखिमों को लेकर चिंता भी जताई गई है. इंडिया एक्जिम बैंक ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय वस्तु बाजारों में उतार-चढ़ाव जैसे खतरे अभी भी बने हुए हैं. अगर वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ता है या आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है, तो इसका असर भारत के निर्यात पर भी पड़ सकता है. इंडिया एक्जिम बैंक ने बताया कि वह अपनी इन-हाउस एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स मॉडल के जरिए हर तिमाही भारत के मर्चेंडाइज निर्यात, नॉन-ऑयल निर्यात और नॉन-ऑयल एवं नॉन-जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात का अनुमान जारी करता है.

यह मॉडल घरेलू और वैश्विक दोनों तरह के आर्थिक कारकों का विश्लेषण करता है और उसी के आधार पर भारत के निर्यात प्रदर्शन का तिमाही पूर्वानुमान तैयार किया जाता है. बैंक ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2027 की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए अगला निर्यात पूर्वानुमान अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े में जारी किया जाएगा.

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