पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर गुरुवार सुबह 7 बजे से पुनर्मतदान (री-पोल) जारी है. शुरुआती चार घंटों में ही करीब 42.82% मतदान दर्ज किया गया है, मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. आपको बता दें कि 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान ईवीएम में कथित छेड़छाड़ और गड़बड़ी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने यहां का मतदान रद्द कर दोबारा वोटिंग कराने का फैसला लिया था.
सुरक्षा व्यवस्था को किया गया दोगुना
चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से काफी मजबूत बनाया है. आयोग के मुताबिक प्रत्येक मतदान केंद्र पर अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल यानी CAPF के 8 जवान तैनात किए गए हैं, जबकि 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान हर बूथ पर केवल 4 जवान मौजूद थे.
विधानसभा में कुल 285 मतदान केंद्र
फलता विधानसभा में कुल 285 मतदान केंद्र हैं. चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए लगभग 35 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात की हैं. सुरक्षा बलों की तैनाती पिछले मतदान की तुलना में करीब दोगुनी होगी. वहीं इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी तैयार रखी गई हैं. चुनाव आयोग लगातार पूरे क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है.
चुनाव आयोग की नजर
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग, अतिरिक्त निगरानी और लगातार पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की गई है और सभी जगह के हालात सामान्य हैं. वहीं राजनीतिक दलों और स्थानीय प्रशासन की नजर अब मतदान प्रतिशत और अंतिम नतीजों पर टिकी हुई है।

