India US deal: अमेरिकी विदेश मंत्री भारत के दौरे पर थे, इस बीच भारत और अमेरिका ने महत्वपूर्ण खनिजों की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सहयोग को लेकर एक प्रमुख रूपरेखा को अंतिम रूप दिया. दोनों देशों के बीच यह कदम वैश्विक तकनीकी आपूर्ति शृंखलाओं के लिए महत्वपूर्ण रेयर अर्थ एलिमेंट्स और क्रिटिकल मिनिरल्स पर चीन के निर्यात नियंत्रणों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है.
इसी बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि ‘यह एक बहुत ही सही समय पर उठाया गया और बेहद अहम कदम है, जिसका मकसद अहम खनिजों और ‘रेयर अर्थ’ की पूरी आपूर्ति श्रृंखला में हमारे सहयोग को और गहरा करना है. इसमें माइनिंग, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और संबंधित निवेश शामिल हैं.
मजबूत और विविध आपूर्ति श्रृंखला बनाने में मदद करेगा डील
रूबियो ने पैक्स सिलिका का किया जिक्र
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपने संबोधन में अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया. उन्होने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के अपने-अपने राष्ट्रीय हितों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है. इस समझौते पर हस्ताक्षर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ‘यह उसी साझेदारी का एक ठोस उदाहरण है.’
रूबियो ने कहा कि ‘हम दो ऐसे देश हैं जिनके रणनीतिक हित हैं कि हमारी इनोवेशन इकॉनमी के लिए महत्वपूर्ण खनिजों और आपूर्ति शृंखलाओं तक विश्वसनीय दीर्घकालिक पहुंच सुनिश्चित की जाए.’ रूबियो ने अमेरिका समर्थित ‘पैक्स सिलिका’ पहल का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इसकी नींव चार फरवरी को रखी गई थी जब आप वाशिंगटन डीसी में आयोजित ‘क्रिटिकल मिनरल्स फोरम’ में हमारे साथ शामिल हुए थे.

