चारधाम यात्रा के लिए उमड़ी रिकॉर्डतोड़ भीड़, जोशीमठ से बद्रीनाथ के बीच लगा कई किलोमीटर लंबा जाम, रेगंते दिखे वाहन

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Char dham yatra: इन दिनों तीर्थ यात्री भारी संख्या में उत्तराखंड पहुंच रहे हैं, जिसके चलते केदारनाथ और बदरीनाथ रूट पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतरें देखने को मिल रही हैं. इस बार चारधाम यात्रा के लिए यहां रिकॉर्डतोड़ भीड़ उमड़ी है. जोशीमठ से बद्रीनाथ के बीच कई किलोमीटर लंबा जाम लगा है. पैदल मार्ग से लेकर हाईवे तक गाड़ियां रेंग रही हैं.

केदारनाथ यात्रा पैदल रूट पर भी भारी संख्या में श्रद्धालु

इसके अलावा केदारनाथ यात्रा पैदल रूट पर भी काफी जाम लगा है. इसकी वजह है कि गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो गई हैं और मैदान गर्मी से तप रहे हैं, ऐसे में श्रद्धालु और पर्यटक उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में छुट्टियां मनाने और चारों धाम दर्शन करने पहुंच रहे हैं. जोशीमठ से बद्रीनाथ धाम की तरफ लगभग 6 किलोमीटर और जोशीमठ से ऋषिकेश हेलंग तक लगभग 7 किलोमीटर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें दिख रही हैं. इसके पीछे सबसे मुख्य वजह श्रद्धालु छुट्टियां मनाने और बद्रीनाथ धाम में दर्शन करने पहुंच रहे हैं.

दूसरा कारण इस समय मैदानी क्षेत्र में भीषण गर्मी पड़ रही है और तापमान 40 डिग्री से 48 डिग्री तक जा पहुंचा है, ऐसे में श्रद्धालु उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में छुट्टियां मनाने पहुंच रहे हैं. इसका तीसरा सबसे बड़ा कारण जोशीमठ से बद्रीनाथ की तरफ मारवाड़ी पुल तक सिंगल लेन सड़क होने की वजह से वहां जाम बहुत लग रहा है. ऐसे में यात्री घंटों तक जाम में फंस जा रहे हैं.

जोशीमठ से मारवाड़ी तक गेट सिस्टम

इस समस्या का हल करने के लिए जिला प्रशासन ने जोशीमठ से मारवाड़ी तक गेट सिस्टम किया है, जो एक हफ्ते पहले शुरू किया गया था. इस सिस्टम में पहले एक साइड के वहां बद्रीनाथ की तरफ भेजे जा रहे हैं, फिर उसके बाद बद्रीनाथ से आने वाले वाहनों को छोड़ा जा रहा है, ताकि लोग जाम में न फंसे, लेकिन संख्या बहुत ज्यादा है और ऐसे में सड़क पर काफी लंबा जाम दिख रहा है.

तो वहीं केदारनाथ धाम में भी भारी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं, जिससे पैदल मार्ग पर भी जाम लग जा रहा है. लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसकी वजह केदारनाथ गौरीकुंड से लगभग 21 किलोमीटर का पैदल मार्ग है और इसी पैदल मार्ग पर जहां यात्री पैदल जाते हैं तो वहीं घोड़े-खच्चर और पालकी वाले भी उसे रास्ते से जाते हैं. घोड़े-खच्चर वालों की संख्या भी लगभग 5000 से 8000 है. ऐसे में वहां भी जाम लग जाता है. अक्सर ऐसी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आती रहती हैं.

 

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