ट्रंप ने ईरान डील का ड्राफ्ट लौटाया, मांगा यूरेनियम हटाने का पूरा ब्लूप्रिंट, अधर में लटका समझौता

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Iran US Deal Hold: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर एक और दौर की बातचीत शुरू हो गई है. पिछले कई दिनों से कहा जा रहा था कि उस पर बस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का साइन होना बाकी है. अब उसमें अमेरिका ने एक नया पेच फंसा दिया है. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में हुई हाई-लेवल बैठक के दौरान अपने ही अधिकारियों की ओर से तैयार ड्राफ्ट में बदलाव की मांग कर दी है. इसके बाद दोनों देशों के बीच एक और दौर की बातचीत शुरू हो गई है.

जल्द अंतिम रूप भी देना चाहते हैं ट्रंप 

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ट्रंप डील चाहते हैं और उसे जल्द अंतिम रूप भी देना चाहते हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि कुछ अहम बिंदुओं को और मजबूत बनाया जाए. सबसे बड़ा विवाद ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम स्टॉकपाइल और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है. शुक्रवार को ट्रंप ने खुद कहा था कि वह सिचुएशन रूम में बैठक कर डील पर अंतिम फैसला लेने जा रहे हैं.

ईरान समझौते के लिए तैयार

इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों का दावा था कि ईरान समझौते के लिए तैयार है और अब सिर्फ ट्रंप की मंजूरी बाकी है. लेकिन बैठक में ट्रंप ने ड्राफ्ट समझौते के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जता दी. रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा ड्राफ्ट में ईरान ने सिर्फ इतना वादा किया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. इसके अलावा 60 दिन की एक समयसीमा तय की गई है, जिसके दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिकी प्रतिबंधों पर विस्तृत बातचीत होनी है.

ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम चिंता 

ट्रंप की सबसे बड़ी चिंता ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम है. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति यह जानना चाहते हैं कि अमेरिका को यह यूरेनियम कब, कैसे और किस समयसीमा में मिलेगी. मौजूदा ड्राफ्ट में इस बारे में पर्याप्त स्पष्टता नहीं है. यानी ट्रंप सिर्फ वादा नहीं, बल्कि यूरेनियम हटाने का पूरा ब्लूप्रिंट चाहते हैं. पिछले दिनों ट्रंप ने ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को ‘न्यूक्लियर डस्ट’ बताया था और कहा था कि इसे निकालकर नष्ट किया जाना चाहिए. इसी मुद्दे पर कजाकिस्तान का नाम भी सामने आया है, जहां IAEA की निगरानी में यूरेनियम स्टोर करने का विकल्प चर्चा में है.

ड्राफ्ट की भाषा बदलने को कहा

रिपोर्ट का कहना है कि ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ड्राफ्ट की भाषा बदलने को कहा है. अमेरिका चाहता है कि होर्मुज पूरी तरह खुला रहे और जहाजों की आवाजाही पर कोई शुल्क या अतिरिक्त नियंत्रण न हो. हालांकि ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि वह होर्मुज में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था बनाए रखना चाहता है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अब संशोधित प्रस्ताव ईरान को भेजा गया है. जवाब आने में लगभग तीन दिन लग सकते हैं.

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