दुनिया का सबसे बड़ा एग्जाम, 1.29 करोड़ परीक्षार्थी लेंगे भाग, संख्या में आई ऐतिहासिक गिरावट से बढ़ी चीन की टेंशन

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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China University Exam: चीन की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली राष्ट्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा, ‘गाओकाओ’ (Gaokao) में बैठने वाले छात्रों की संख्या में इस साल ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है. शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक,रविवार से शुरू होने वाली इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले चीनी छात्रों की संख्या पिछले साल की तुलना में 4,50,000 घटकर 12.9 मिलियन (1.29 करोड़) रह गई है.

छात्रों की संख्या में ये गिरावट देश में कॉलेज जाने योग्य युवाओं की आबादी में कमी और चीन के बेहद चुनौतीपूर्ण रोजगार बाजार के कारण आ रही है, जिसने युवाओं को पारंपरिक अकादमिक डिग्री हासिल करने से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है.

और भी गंभीर हो सकती है स्थिति

विश्लेषकों के मुताबिक, वर्तमान में चीन में 16 से 24 साल की आयु के युवाओं के बीच बेरोजगारी दर 16% से अधिक हो चुकी है. यह स्थिति उस वक्त और भी गंभीर हो सकती है जब इस गर्मी में रिकॉर्ड 12.7 मिलियन (1.27 करोड़) नए विश्वविद्यालय स्नातक डिग्री पूरी कर नौकरी के बाजार में कदम रखेंगे.

चरवाहे की 2 नौकरियों के लिए आए 700 से अधिक आवेदन

देश के नौकरी बाजार में बढ़ते दबाव और तनाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में मंगोलिया के दक्षिण में स्थित सुदूर घास के मैदानों में चरवाहे (Shepherd) के केवल दो पदों के लिए 700 से अधिक लोगों ने आवेदन कर दिया. इसमे चीन के बड़े महानगरों जैसे शंघाई और चोंगकिंग के उच्च-वर्गीय कर्मचारी, कारखाने के श्रमिक और कई विश्वविद्यालय स्नातक भी शामिल हैं.

डिग्री के बजाय वोकेशनल कोर्सेस पर भरोसा

दरअसल, बदलते हालातों के बीच चीनी युवा अब पारंपरिक डिग्री के बजाय वोकेशनल कोर्स को चुन रहे हैं, जो सीधे रोजगार की गारंटी देते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शंघाई के व्यावसायिक कॉलेजों में बीते तीन वर्षो में नामांकन में 15% की वृद्धि हुई है. वहीं बीजिंग के एक व्यावसायिक स्कूल में मात्र 30 सीटों के लिए सैकड़ों माता-पिता अपने बच्चों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कतारों में खड़े देखे गए.

हाई-टेक धोखाधड़ी को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम

इस बीच शिक्षा मंत्रालय ने घटते रजिस्ट्रेशन पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उसने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है. मंत्रालय ने कहा है कि वह झूठे प्रचार, अधिक फीस और धोखाधड़ी जैसी अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई करेगा. बता दें कि इस साल परीक्षा देने वाले करोड़ों छात्रों के लिए सुरक्षा उपायों को हाई-टेक कर दिया गया है. परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और स्मार्ट ग्लास जैसे आधुनिक उपकरणों के जरिए होने वाली चोरी को रोकने के लिए ‘इंटेलिजेंट स्क्रीनिंग सिस्टम’ तैनात की गई है.

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