इजरायल ने लगातार पांचवीं बार हासिल किया ये मुकाम,19.2 अरब डॉलर हुआ रक्षा निर्यात 

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Israel Defence Export: दुनियाभर में चल रहे भीषण युद्धों और कड़े विरोध के बाद भी इजरायल ने रक्षा बाजार में एक नया इतिहास रचा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहिष्कार के आह्वान और कई बड़ी डिफेंस प्रदर्शनियों से बाहर किए जाने के बाद भी इजरायली हथियारों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है. जिससे साल 2025 में इजरायल का हथियार निर्यात रिकॉर्ड 19.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.

इजरायली रक्षा मंत्रालय की तरफ से 2 जून को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में इजरायल के रक्षा निर्यात में लगभग 30% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बताया जा रहा है कि इस रिकॉर्डतोड़ कामयाबी के पीछे इजरायल के युद्ध में परखे जा चुके मिसाइल, रॉकेट और अचूक एयर डिफेंस सिस्टम हैं.

लगातार पांचवें साल हासिल किया ये मुकाम

दिलचस्प बात ये है कि यह लगातार पांचवां साल है जब इजरायल के रक्षा निर्यात ने एक नया मुकाम हासिल किया है. रक्षा मंत्रालय के ‘अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग निदेशालय’ (SIBAT) के मुताबिक, साल 2024 में इजरायल का रक्षा निर्यात 14.8 अरब डॉलर था. जो 2025 में बढ़कर 19.2 अरब डॉलर हो गया. यदि इससे थोड़ा और पीछे जाएं, तो साल 2023 में इजरायल ने 13 अरब डॉलर के हथियार बेचे थे. ऐसे में इन आंकड़ो से साफ पता चलता है कि वैश्विक बाजार में इजरायली हथियारों का दबदबा लगातार बढ़ रहा है.

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के वैश्विक हथियार हस्तांतरण डेटाबेस के मुताबिक, इजरायल 2021 से 2025 की अवधि के दौरान पहले से ही दुनिया का सातवां सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश बना हुआ था. इस दौरान वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल प्रमुख हथियारों के निर्यात में अकेले इजरायल की हिस्सेदारी 4.4% थी. वहीं, अब साल 2025 में आई 30 फीसदी की इस भारी तेजी के बाद, वैश्विक हथियार बाजार में इजरायल की हिस्सेदारी और ज्यादा बढ़ना तय है.

कई मोर्चों पर जंग, फिर भी समय पर डिलीवरी

इजरायल की इस कामयाबी ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है, क्योंकि अक्टूबर 2023 के आतंकी हमलों के बाद से ही इजरायल लगातार युद्ध की स्थिति में है. ऐसे मुश्किल समय में किसी भी देश के लिए अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करना ही सबसे बड़ी चुनौती होता है, लेकिन इजरायल की डिफेंस कंपनियों ने न केवल अपनी सेना की घरेलू जरूरतों को पूरी मुस्तैदी से पूरा किया, बल्कि अपने सभी अंतरराष्ट्रीय समझौतों और वादों को भी समय पर निभाया.

इसके साथ ही, युद्ध के बीच इन कंपनियों ने कई नए बड़े रक्षा सौदे भी हासिल किए हैं. जिससे यह साबित होता है कि भारी दबाव और युद्ध के हालातों में भी समय पर हथियार सप्लाई करने की इजरायल की क्षमता पर दुनिया का भरोसा बेहद मजबूत है.

रूसी हथियारों का बाजार हुआ पूरी तरह धड़ाम

एक ओर जहां इजरायल नए मुकाम हासिल कर रहा है, वहीं दूसरी ओर रूस का रक्षा निर्यात पूरी तरह चरमरा गया है. SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 से 2023 के बीच रूस के हथियार निर्यात में उससे पिछले पांच वर्षों की तुलना में 50% की गिरावट दर्ज की गई थी.

वहीं, साल 2021 से 2024 के बीच रूस के हथियार निर्यात में 92 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है. रूस के इस पतन की मुख्य वजह यूक्रेन युद्ध में उसके संसाधनों का झोंका जाना, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, महंगाई और फंडिंग की भारी कमी है, जिसके परिणाम स्वरूप रूस अंतरराष्ट्रीय बाजार से लगभग गायब होने की कगार पर है और इजरायल इस खाली जगह को तेजी से भर रहा है.

 

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