Haryana: अमेरिका में सड़क हादसा हुआ, जिसमें भारतीय युवक की मौत हो गई. हरियाणा के करनाल जिले का रहने वाला 24 वर्षीय गौरव कैलिफ़ोर्निया में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहा था. 26 मई को वह ट्रक लेकर डिलीवरी के लिए जा रहा था और रास्ते में एक रेस्टोरेंट पर चाय पीने के लिए रुका. अमेरिकी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रेस्टोरेंट से निकलने के कुछ समय बाद गौरव के ट्रक का संतुलन बिगड़ गया.
गौरव की मौके पर ही मौत
ट्रक सड़क से नीचे खाई में जा गिरा. हादसा इतना गंभीर था कि गौरव की मौके पर ही मौत हो गई. 27 मई को अमेरिकी अधिकारियों ने परिवार को फोन कर इस दुखद घटना की जानकारी दी. इधर, अमेरिका से बालरागड़ान गांव में जब गौरव का शव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया. जिस बेटे को बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश भेजा गया था, वह दो साल बाद ताबूत में लिपटकर वापस लौटा.
शव अमेरिका से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा
सोमवार देर शाम गौरव का शव अमेरिका से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से एम्बुलेंस के जरिए उसे गांव लाया गया. बेटे का शव देखते ही उसकी मां और बहन बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं. पूरे गांव में शोक का माहौल है. गौरव की मौत के बाद परिवार के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी. उसका शव भारत लाने के लिए मदद भी नहीं मिली. परिवार का कहना है कि उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं से सहायता मांगी, लेकिन कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी.
शव को भारत भेजने की व्यवस्था
अंततः अमेरिका में रहने वाले कुछ भारतीय परिचितों की मदद से शव को भारत भेजने की व्यवस्था की गई. परिजनों के अनुसार, शव को अमेरिका से भारत लाने में लगभग 25 लाख रुपए खर्च हुए. गौरव के पिता रामफल ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए बेटे ने अमेरिका जाने का फैसला किया था. उन्होंने कहा कि उन्होंने बेटे को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन गौरव अमेरिका जाने के लिए दृढ़ था.
प्लॉट और दुकान तक बेचनी पड़ी
आखिरकार एक एजेंट के माध्यम से उसे डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजा गया. परिवार ने इसके लिए करीब 50 लाख रुपए खर्च किए. इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए उन्हें अपना प्लॉट और दुकान तक बेचनी पड़ी. करीब छह महीने की कठिन और जोखिम भरी यात्रा के बाद गौरव अमेरिका पहुंचा था. रामफल के पास लगभग दो एकड़ कृषि भूमि है और परिवार की आय का मुख्य स्रोत खेती है. गौरव परिवार का इकलौता बेटा था. उसकी एक छोटी बहन है, जिसकी शादी करीब एक वर्ष पहले हो चुकी है. अब घर में केवल माता-पिता ही रह गए हैं.
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