खसरे के प्रकोप से जूझ रहा मालदीव, भारत ने भेजीं 3 टन चिकित्सा सामग्री व 20 हजार वैक्सीन

Must Read

New Delhi: पड़ोसी देश मालदीव खसरे (मीजल्स) के नए प्रकोप से जूझ रहा है और वहां सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है. इसी बीच भारत ने मालदीव में खसरे के बढ़ते मामलों के बीच तत्काल मानवीय सहायता भेजते हुए 20,000 खसरा-रूबेला (एमआर) वैक्सीन की खुराकें और लगभग तीन टन चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत मालदीव में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा और टीकाकरण कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.

समय पर पहुंची सहायता

भारत द्वारा भेजी गई सहायता में 20,000 खसरा-रूबेला (MR) वैक्सीन की खुराकें, लगभग 3 टन चिकित्सा सामग्री, आवश्यक दवाइयां, सिरिंज और इंजेक्शन उपकरण, डायग्नोस्टिक किट शामिल हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार यह समय पर पहुंची सहायता मालदीव को खसरे के प्रसार को रोकने और प्रभावित लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद करेगी. भारत की विदेश नीति में ‘Neighbourhood First’ यानी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति को विशेष महत्व दिया जाता है.

पड़ोसी देशों की मदद

इसी नीति के तहत भारत ने कोविड महामारी, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों के दौरान भी पड़ोसी देशों की मदद की है. मालदीव भारत की समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग की नीति ‘विजन महासागर’ का भी एक महत्वपूर्ण साझेदार है. दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सुरक्षा क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ रहा है. दिलचस्प बात यह है कि World Health Organization ने वर्ष 2021 में मालदीव को खसरा मुक्त देश घोषित किया था.

स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चिंता का विषय

ऐसे में वर्षों बाद इस बीमारी का दोबारा सामने आना वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गया है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर टीकाकरण और निगरानी के जरिए इस प्रकोप को नियंत्रित किया जा सकता है.

इसे भी पढ़ें. खैबर पख्तूनख्वा में सेना का एक्शन: TTP के चार टॉप कमांडर सहित 21 आतंकी मार गिराए

Latest News

पाकिस्‍तान का चीन से उठा भरोसा, किराना हिल्‍स को बचाने के लिए उसके दुश्‍मन से मिलाया हाथ

Kirana Hills: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल ने जो ट्रेलर दिखाया था, उसकी दहशत अभी भी पाकिस्तान...

More Articles Like This