अमेरिका से डील के बीच ईरान ने उठाया लेबनान का मुद्दा, अराघची बोले- इजराइली कब्जे हटवाएं ट्रंप!

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Tehran: अमेरिका से डील के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक बडा बयान दिया है. अराघची ने मंगलवार को कहा कि ईरान और इजराइल के बीच युद्ध की समाप्ति का मतलब केवल सैन्य संघर्ष का रुकना नहीं है, बल्कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य उपस्थिति और कब्जे का अंत भी होना चाहिए. अराघची का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत कई देशों ने किया है और क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है.

विदेशी राजनयिकों के साथ बातचीत के दौरान टिप्पणी

ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, अराघची ने विदेशी राजनयिकों के साथ बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की. हालांकि, उनके बयान का वीडियो प्रसारित नहीं किया गया, बल्कि इसे स्क्रीन पर लिखित संदेश के रूप में दिखाया गया. अराघची ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य मौजूदगी जारी रहना स्वीकार्य नहीं है. उनके अनुसार, यदि युद्ध समाप्त हो चुका है तो क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कब्जा या सैन्य नियंत्रण भी समाप्त होना चाहिए.

समझौता ज्ञापन भावना के विपरीत

उन्होंने यह भी दावा किया कि लेबनान में इजराइल की मौजूदगी अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौता ज्ञापन (एमओयू) की भावना के विपरीत होगी. हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. इस कारण यह स्पष्ट नहीं है कि उसमें लेबनान, क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था या इजराइली सैन्य गतिविधियों से संबंधित कोई विशेष प्रावधान शामिल हैं या नहीं. लेकिन लेबनान में इजराइल की भूमिका को लेकर ईरान की नई टिप्पणी संकेत देती है कि युद्धविराम के बाद भी कई संवेदनशील मुद्दों पर मतभेद बने रह सकते हैं.

क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा चर्चा

विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिणी लेबनान और वहां सक्रिय Hezbollah से जुड़े मुद्दे भविष्य में भी क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा चर्चाओं के केंद्र में रह सकते हैं.

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