Sensex closing bell: हरे निशान में बंद हुआ भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स में 0.71 प्रतिशत की बढ़त

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Sensex closing bell: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ. इस दौरान प्रमुख बेंचमार्कों बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 में 0.50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई. बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 544.15 अंक या 0.71 प्रतिशत बढ़कर 76,808.48 पर और निफ्टी 135.25 अंक या 0.57 प्रतिशत बढ़कर 23,989.15 पर पहुंच गया.

सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,264.33 से 262.44 अंक बढ़कर 76,526.77 पर खुला और दिन के कारोबार में 76,846.74 का उच्चतम स्तर छुआ. वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,853.90 से 70 अंक की मामूली बढ़त के साथ 23,923.90 पर खुलकर दिन के कारोबार में 24,002.60 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. व्यापक कारोबार में निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई.

इन शेयरों में दिखी तेजी 

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी ऑटो, निफ्टी फार्मा, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मेटल को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए. निफ्टी आईटी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी रियल्टी में 1-2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई.

आज के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स 

निफ्टी में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाली कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंज्यूमर, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, एचयूएल और ओएनजीसी शामिल रहीं, जबकि हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू स्टील, एचडीएफसी लाइफ, आइशर मोटर्स और मारुति सुजुकी टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहीं. एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच हुए औपचारिक शांति समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की योजना से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है.

इन घटनाओं से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा और भू-राजनीतिक तनाव को लेकर बनी चिंताएं काफी हद तक कम हुई हैं, जिससे दुनिया भर के बाजारों में सकारात्मक माहौल बना है। एक्सपर्ट ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने से सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग घटी है, जिसका फायदा भारतीय रुपए को मिला. रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 95 रुपए के स्तर से नीचे पहुंच गया और करीब 94.6 के आसपास कारोबार करता दिखा. इससे भारत के बाहरी आर्थिक संतुलन को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है.

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