IMD Weather Alert 48 Hours: देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसके साथ ही मौसम का मिजाज भी तेजी से बदल गया है. कई राज्यों में जहां पिछले कुछ दिनों तक लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान थे, वहीं अब भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए बड़ा अलर्ट जारी करते हुए देश के 21 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई है.
मौसम विभाग के अनुसार, इस समय देश के ऊपर एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं. बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं. कई राज्यों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश से जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं. प्रशासन ने लोगों से मौसम को हल्के में न लेने और सतर्क रहने की अपील की है.
क्यों बिगड़ा मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन, मानसूनी ट्रफ और नमी से भरी हवाओं के कारण मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है. इन सिस्टमों के कारण कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तूफानी हवाएं चलने की संभावना है. समुद्र से आने वाली नमी और स्थानीय तापमान में अंतर भी आंधी और वज्रपात को बढ़ावा दे रहा है.
दिल्ली-NCR में तेज आंधी और झमाझम बारिश की संभावना
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में अगले दो दिनों के दौरान मौसम पूरी तरह बदल सकता है. मौसम विभाग ने धूलभरी आंधी के बाद तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया है. कई इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है. बारिश के बाद तापमान में गिरावट आएगी लेकिन हवा में नमी बढ़ने से उमस बनी रह सकती है.
UP में 80 Kmph तक चल सकती हैं हवाएं
उत्तर प्रदेश अगले 48 घंटों में सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल हो सकता है. नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, झांसी और आसपास के जिलों में तेज बारिश और 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. कुछ जिलों में वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा. किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने और मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है.
बिहार में बारिश के साथ वज्रपात का डबल खतरा
बिहार के पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, कटिहार और आसपास के जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. कई स्थानों पर 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदानों में जाने और बिजली चमकने के दौरान मोबाइल या धातु की वस्तुओं के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है.
झारखंड में भी तेज बारिश का अलर्ट
रांची, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग और गिरिडीह सहित कई जिलों में अगले दो दिनों तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है.
राजस्थान में मानसून का असर तेज
राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और जैसलमेर में पहले धूलभरी आंधी और उसके बाद तेज बारिश की संभावना जताई गई है. लंबे समय से गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और रीवा संभाग में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश हो सकती है. कई नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है.
वहीं, छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और अंबिकापुर में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और छोटी नदियों में उफान आने की चेतावनी जारी की गई है.
महाराष्ट्र के 23 जिलों में येलो अलर्ट
महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सतारा और कोंकण क्षेत्र सहित 23 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना है. तटीय क्षेत्रों में समुद्र भी उफान पर रह सकता है.
पंजाब और हरियाणा में बदलेगा मौसम
पंजाब और हरियाणा में लंबे समय से जारी लू का दौर अब खत्म होने की उम्मीद है. अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, गुरुग्राम, हिसार, करनाल और अंबाला में तेज धूलभरी आंधी के साथ बारिश हो सकती है. कई स्थानों पर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ तथा हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को मौसम की जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की सलाह दी गई है.
पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा और सिक्किम में लगातार बारिश जारी रहने की संभावना है. कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं. वहीं पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है.
किसानों के लिए विशेष सलाह
लगातार बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को खेतों में सिंचाई और कटाई जैसे कार्य मौसम साफ होने के बाद ही करने की सलाह दी गई है. बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करना जानलेवा साबित हो सकता है. पशुओं को भी खुले स्थान पर बांधने से बचने की सलाह दी गई है.
यात्रियों के लिए एडवाइजरी
रेल और सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है. भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम, जलभराव और सड़क बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. पहाड़ी राज्यों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है.
लोगों के लिए IMD की जरूरी सलाह
- खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें.
- पेड़ों, बिजली के खंभों और पुराने भवनों से दूर रहें.
- बिजली चमकने पर खुले मैदान, छत और पानी वाले क्षेत्रों से तुरंत दूर हो जाएं.
- मोबाइल पर मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर लगातार नजर रखें.
- बाढ़ या जलभराव वाले इलाकों में वाहन चलाने से बचें.
- बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखें.
- आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें.
अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम?
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में सक्रिय मानसूनी सिस्टम अपने चरम पर रहेंगे. इसी वजह से कई राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है. यदि बारिश का यह दौर जारी रहता है तो कुछ क्षेत्रों में बाढ़, जलभराव, फसलों को नुकसान और यातायात बाधित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं. ऐसे में लोगों को अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की सलाह दी गई है. आने वाले 48 घंटे उत्तर, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत के कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं. हालांकि यह बारिश गर्मी से राहत जरूर देगी, लेकिन तेज आंधी, वज्रपात और भारी वर्षा को देखते हुए सतर्कता बरतना बेहद जरूरी होगा. मौसम विभाग की हर नई चेतावनी पर नजर रखें और सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करें.
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