मानसून ने देश के कई हिस्सों में एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. 22 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी है. UP-बिहार समेत कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी है, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है.
देशभर में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है. IMD ने यूपी, बिहार, दिल्ली समेत 12 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है. जानिए किन राज्यों में मौसम सबसे ज्यादा बिगड़ने वाला है.
देशभर में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है. IMD ने अगले 8 घंटे के लिए 12 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और 70 किमी प्रति घंटे तक की हवाओं का अलर्ट जारी किया है. जानिए किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर रहने वाला है.
जून के आखिरी दिनों में मौसम ने करवट ले ली है. IMD ने देश के कई राज्यों में आंधी, बारिश, बिजली गिरने और हीटवेव की चेतावनी जारी की है. जानिए 29 जून का पूरा मौसम अपडेट.
देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है. कहीं भीषण गर्मी और हीटवेव का असर है तो कहीं मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. IMD ने अगले 10 घंटे के लिए कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है.
देशभर में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं. IMD ने अगले 48 घंटों के लिए 21 राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं, वज्रपात और जलभराव का अलर्ट जारी किया है. जानें किन राज्यों में मौसम सबसे ज्यादा बिगड़ सकता है.
देशभर में मौसम ने करवट ली है. IMD ने 21 राज्यों में बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना है.
दिल्ली-NCR में भीषण गर्मी से राहत मिलने वाली है. IMD के अनुसार 11 से 13 जून के बीच राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
देश के कई हिस्सों में गर्मी से राहत मिलने लगी है. मौसम विभाग ने 19 राज्यों में तेज हवाओं, आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में हवाओं की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. IMD ने 19 राज्यों में बारिश, आंधी, वज्रपात और 80KM प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. वहीं दक्षिण भारत में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है.
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.