US Navy helicopter: अरब सागर में अमेरिका का एक सैन्य हेलीकॉप्टर बुधवार को क्रैश हो गया. इस हादसे में एक अमेरिकी सैनिक लापता हो गया, जबकि तीन अन्य सैनिक घायल हुए हैं. इस दौरान सेना ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि जो यह संकते दे कि हेलीकॉप्टर दुश्मन के हमले की वजह से गिरा हो.
अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह MH-60S सीहॉक हेलीकॉप्टर बुधवार को अरब सागर में इमरजेंसी लैंडिंग करने पर मजबूर हुआ. अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े ने बयान जारी कर कहा कि “इलाके में मौजूद अमेरिकी नौसेना के जहाज और दूसरी टीमें अभी भी लापता हेलीकॉप्टर चालक दल के सदस्य की तलाश कर रही हैं. साथ ही हादसे की वजह की जांच भी की जा रही है.”
हेलीकॉप्टर को पानी में उतारना बहुत खतरनाक
उन्होंने बताया कि यह हेलीकॉप्टर यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश विमानवाहक जंगी जहाज पर तैनात था. विमानवाहक जंगी जहाज ऐसे सैन्य जहाज होते हैं जिनपर फाइटर जेट होते हैं, वहीं जहाज से वह टेकऑफ और लैंड करते हैं. दरअसल, किसी भी सूरत में हेलीकॉप्टर को पानी में उतारना बहुत खतरनाक हो सकता है. अनुभवी पायलटों के लिए भी यह आसान नहीं होता, क्योंकि पानी में उतरते समय हेलीकॉप्टर के उलट जाने का खतरा रहता है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 23 जून को बताया था कि यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश उन दो विमानवाहक युद्धपोतों में से एक है, जो अब भी अरब सागर में तैनात हैं. उसने कहा कि अमेरिकी सेना इलाके में मौजूद है और हर स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है.
किस काम आता है यह हेलीकॉप्टर?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कुछ तस्वीरें भी जारी कीं. इनमें नाविक रात के समय काम करते हुए, फ्लाइट से जुड़े काम करते हुए और एमएच-60एस सी हॉक हेलीकॉप्टर की देखभाल करते हुए दिखाई दिए. नेवल एयर सिस्टम्स कमांड के अनुसार, एमएच-60एस सी हॉक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कई कामों के लिए किया जाता है. इसमें समुद्र में दुश्मन के जहाजों के खिलाफ कार्रवाई, सेना की मदद, प्राकृतिक आपदा में राहत पहुंचाना, युद्ध के दौरान लोगों को ढूंढ़कर बचाना और बचाव अभियान चलाना शामिल है.
यह इमरजेंसी लैंडिंग और बचाव अभियान ऐसे समय हुआ है, जब कुछ हफ्ते पहले ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था. इसके जवाब में अमेरिका ने 9 जून को जवाबी हवाई हमले किए थे. तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उस अपाचे हेलीकॉप्टर में मौजूद दोनों पायलट सुरक्षित थे और उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ था.

