Pakistan Fuel Price Hike: अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों पर लगातार असर पड़ रहा है. युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ रही है. तेल के दाम बढ़ते ही पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमते बढ़ा दी गई. पाकिस्तान में ईंधन के दाम बढ़ने के कारण पब्लिक ट्रांसपोर्ट के किराए में भी वृद्धि हो गई. इसका असर अब आम लोगों पर पड़ रहा है.
मंहगाई से जूझ रहे पाकिस्तान में बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतें लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही हैं. ईंधन के दाम बढ़ने के बाद ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने बढ़ी हुई दरों के लिए ईंधन की ज्यादा लागत का हवाला दिया है. ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने तेल की कीमतों के बढ़ने के बाद एक स्टॉप से दूसरे स्टॉप तक का कम से कम किराया 50 PKR (पाकिस्तानी करेंसी) तय किया है, जबकि सामान ढोने का खर्च भी तेजी से बढ़ा है.
इसके अलावा कराची से पेशावर तक सामान ले जाने वाले ट्रेलरों का किराया बढ़कर 7,00,000 PKR हो गया है. इस कदम से व्यापारियों में महंगाई के नए दबाव को लेकर चिंता बढ़ गई है. पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इजाफा नई कीमतों के बढ़ने के तुरंत बाद हुआ है.
वहीं, रावलपिंडी में लोकल ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने प्रति यात्री किराया 20 PKR बढ़ा दिया है, जबकि आस-पास क इलाकों में चलने वाली सेवाओं ने प्रति यात्री किराया 30 PKR बढ़ा दिया है. इसके अलावा, ट्रांसपोर्टरों ने यात्रियों के लिए सामान के लिए अतिरिक्त शुल्क लेना भी शुरू कर दिया है.
इतना ही नहीं ऑपरेटरों ने 8 साल या उससे ज्यादा उम्र के बच्चों से किराया लेना शुरू कर दिया है, जबकि लंबी दूरी की बस सेवाओं ने टिकट की कीमतें प्रति यात्री 100 PKR से 250 PKR के बीच बढ़ा दी है. साथ ही रावलपिंडी और मरी के बीच एसी कोच सेवाओं का किराया भी बढ़ाकर 700 PKR कर दिया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, लोकल चिंगची रिक्शा, बाइक टैक्सी और मोटरसाइकिलों ने भी अपना किराया बढ़ा दिया है, जबकि लोडर रिक्शा ने अपना लोडिंग चार्ज 500 PKR बढ़ा दिया है. ये बदलाव पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद हुए हैं. किराया वृद्धि से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

