Narottam Mishra: दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने नामांकन दाखिल किया. इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. भाजपा की सभा में नरोत्तम मिश्रा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते-करते भावुक हो गए. भाषण देने के दौरान उनके आंखों से आंसू छलक पड़े.
भावुक हो उठे Narottam Mishra
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “पार्टी ने बहुत दिया है. 30 साल तक जो पार्टी विधायक बनाकर रखेगी, जो पार्टी 15 साल तक मंत्री बनाकर रखेगी और क्या चाहिए पार्टी से. रात-दिन भाजपा की सेवा कर के, एक-एक कार्यकर्ता आशुतोष भइया के लिए प्राण झोंक देगा. आशुतोष भइया के लिए प्राण झोंक दिए जाएंगे. ये मुगालते में कोई नहीं रहे कि कोई कार्यकर्ता घर बैठेगा. स्वयं यहीं पर डेरा जमाएंगे, सारे कार्यकर्ताओं के साथ में. एक-एक दरवाजे पर अपना शीश नवाऊंगा. एक-एक गांव के अंदर जाऊंगा और आशुतोष को जिताऊंगा.” इतना कहते-कहते नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए.
हम 3000 से हारे तो अहंकारी हो गए
नरोत्तम मिश्रा ने संबोधन में आगे कहा, “लड़ाई राजा (घनश्याम सिंह) और रंक पर आ गई है. एक तरफ रंक (आशुतोष तिवारी) हैं, जो बचपन से ही राष्ट्र की सेवा में लगे रहे. दिग्विजय जी हम 3000 वोट से हार गए तो अहंकारी हो गए. तुम भोपाल से 3 लाख वोट से हारे तो संस्कारी हो? जीतू पटवारी कहते हैं हम 3000 से हारे तो अहंकारी हो गए. तुम मऊ से 35 हजार से हारे तो संस्कारी हो? अभी भी समय है…आशुतोष जी के सामने आ जाओ, लड़ लो, पता चल जाएगा.”
जो कहोगे वो हारने के लिए तैयार हैं
उन्होंने पार्टी में फूट की बातों को खारिज करते हुए कहा कि फूट अगर हममें है तो हम तो छाती अड़ाए खड़े हैं. तुम (कांग्रेस) हमें बता रहे हो कि फूट है. 55 साल में कांग्रेस एक विकास का काम बता दे तो जो कहोगे वो हारने के लिए तैयार हैं. विकास के नाम पर सिर्फ बीजेपी मांग सकती है. नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “मैं जब दतिया आया था तो यहां तांगे चलते थे, अब हवाई जहाज चलते हैं. 20 साल पहले जब कांग्रेस की दिग्विजय सिंह की सरकार थी तो डाकुओं का राज था, अब एक भी चिन्हित गैंग नहीं है.”

