कोसोवो की संसद में PM कुर्ती पर फेंके गए अंडे, भीषण हंंगामे के चलते बीच में रोकी गई सदन की कार्यवाही

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Kosovo Parliament: कोसोवो की संसद में शनिवार को विपक्षी सांसद टाइम काद्रिजाज ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री एल्बिन कुर्ती पर अंडे फेंके गए, जिसके बाद संसद में जमकर हंंगामा होने लगा, ऐसे में सदन की कार्यवाही को बीच में ही रोक दी गई. दरअसल, एल्बिन कुर्ती की पार्टी ‘वेटेवेंडोसजे’ ने 7 जून के संसदीय चुनाव के बाद नई संस्थाओं के गठन को लेकर विपक्षी समूहों के साथ बातचीत शुरू की थी, इसी दौरान यह घटना हुई.

एल्बिन कुर्ती पर अंडे फेंकने से पहले व‍िपक्षी सांसद टाइम काद्रिजाज ने चिल्लाते हुए कहा कि तुम्हें शर्म आनी चाहिए. इसके जवाब में कुर्ती ने कहा कि यदि बातचीत के लिए यह कीमत चुकानी पड़ती है, तो उन्हें यह कीमत चुकाने में खुशी होगी.

पीएम की तरफ कई अंडे फेंके

बता दें कि कुर्ती 120 में से 53 सीटें जीतने के बाद बड़ी राजनीतिक ताकत तो बन गए, लेक‍िन उनके पास अकेले सरकार चलाने के लिए जरूरी बहुमत नहीं था. विपक्षी पार्टी अलायंस फॉर द फ्यूचर ऑफ कोसोवो की सांसद टाइम काद्रिजाज कार्यवाहक पीएम कुर्ती के पास गईं और उनकी ओर कई अंडे फेंके.  इसके बाद सदन में हंगामा मच गया. सुरक्षा गार्ड और अन्य सांसद बीच-बचाव के लिए आगे बढ़े तो वो जोर से चिल्लाईं कि आपको शर्म आनी चाहिए.

नए राष्ट्रपति को चुनने में कई चुनौतिया

यह घटना कई दिनों की बातचीत में कुर्ती कोसोवो के बड़े राजनीतिक संकट के बीच नए राष्ट्रपति को चुनने के लिए विपक्ष का पर्याप्त समर्थन हासिल करने की कोशिशों के बीच हुई. इस बाल्कन देश में दो साल से अधिक समय में 3 चुनाव हो चुके हैं. फरवरी 2025 में हुए बेनतीजा मतदान के बाद दिसंबर में हुए चुनाव में कुर्ती ने जातीय अल्पसंख्यक सांसदों के साथ मिलकर संसदीय बहुमत हासिल किया. वहीं, जून में हुए अचानक चुनाव में उनकी पार्टी का वोट शेयर 51% से घटकर 43% हो गया, लेकिन एथनिक माइनॉरिटी सहयोगियों के साथ मिलकर उन्होंने संसद में बहुमत बनाए रखा. हालांकि, राष्ट्रपति चुनने के लिए कुर्ती को संसद में दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत है.

ऐसे में बातचीत एक बार फिर गतिरोध में फंसी हुई दिख रही है, क्योंकि कोई भी पक्ष किसी उम्मीदवार पर सहमत नहीं हो पाया है. वहीं, संसद के स्पीकर को चुनने की संवैधानिक समय-सीमा शुक्रवार को खत्म हो गई. बातचीत के लिए और समय मांगने की कुर्ती की अपील पर विपक्षी सांसदों ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है.

 

Latest News

दूध का सेवन इन लोगों के लिए है खतरनाक, झेलनी पड़ जाएगी गंभीर परेशानी! जानिए

Milk Drinking Disadvantage: दूध से पनीर, मावा और दही के साथ कई तरह की मिठाई और व्यंजन भी बनते...

More Articles Like This