Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की उस मांग का मजाक उड़ाया है, जिसमें उसने पिछले पांच महीनों में अमेरिका और इजराइल की बमबारी से देश को हुई क्षति के लिए क्षतिपूर्ति की मांग की है. ट्रंप ने कहा कि तेहरान के वार्ताकारों ने अब तक ऐसी कोई मांग नहीं उठाई थी. सोमवार को ट्रंप का यह सोशल मीडिया पोस्ट ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई के उस बयान के बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि जब तक अमेरिका ईरान की शर्तें पूरी नहीं करता तब तक तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोलेगा.
ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करे अमेरिका
ईरान चाहता है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करे, आर्थिक प्रतिबंध हटाए और ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करे. उसने यह भी कहा कि अमेरिका को युद्ध से हुए नुकसान के लिए ईरान को क्षतिपूर्ति देनी चाहिए. बघई ने कहा कि अमेरिका को अपनी गैर-कानूनी और विनाशकारी गतिविधियों को रोकना चाहिए और उनकी भरपाई करनी चाहिए.
सभी लोगों के लिए क्षतिपूर्ति की मांग
ट्रंप ने इसके जवाब में कहा कि अब वह ईरान से उन सभी लोगों के लिए क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे हैं जो सड़क किनारे बमबारी और कई संघर्षों में या तो मारे गए या गंभीर रूप से घायल हो गए. अमेरिकी सरकार ने पिछले कई दशकों में सैकड़ों अमेरिकियों की मौत और उनके घायल होने के लिए ईरान समर्थित चरमपंथियों को जिम्मेदार ठहराया है. इनमें 1983 में बेरूत के मरीन परिसर में हुए बम धमाके में 241 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 2003 से 2011 के बीच इराक में कम से कम 603 अमेरिकी सैनिकों की मौत की घटनाएं शामिल हैं.
ईरानी प्रदर्शनकारियों के परिवारों को मुआवजा दे
ट्रंप ने कहा कि वह यह भी चाहते हैं कि ईरान मारे गए ईरानी प्रदर्शनकारियों के परिवारों को मुआवजा दे. ट्रंप ने पोस्ट में कहा कि मैंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे भविष्य में होने वाली सभी वार्ताओं में इस मुद्दे को मजबूती से शामिल करें. होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना और युद्ध नवंबर में अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिकी राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है. होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक स्तर पर व्यापारिक तेल का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है.
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