New Delhi: पाकिस्तान में लगातार हालात खराब होते जा रहे हैं. माना जा रहा है कि कभी भी ये देश टुकड़ों में बंट सकता है. हूकूमत के हाथ से बात फिसल रही है. यहां की जुल्मी सेना एक बार फिर लोगों की आवाज दबाने के लिए उन पर अत्याचार कर रही है. बलूचिस्तान पर अमेरिकी फाइटर जेट्स के जरिये हुई कार्रवाई में 30 लोगों की मौत हो गई. अब बलूच नेताओं का कहना है कि अमेरिका को इस मामले में उसे रोकना चाहिए.
राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं
बलूच नेतृत्व अब केवल पाकिस्तान के खिलाफ राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप और समर्थन की मांग कर रहा है. रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान संगठन ने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उसके मुताबिक पाकिस्तानी वायुसेना ने सोराब के गदार-गोंधन इलाके में ताबड़तोड़ हमले किए हैं, जिसमें करीब 30 बलूच नागरिक मारे गए.
मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे भी शामिल
संगठन का दावा है कि मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. वहीं इस हमले में बहुत से लोग जख्मी भी हुए हैं. इससे जुड़ी हुई कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की गई हैं, जो देखकर आपको याद आ जाएंगी गाजा को तस्वीरें, जिन पर पूरी दुनिया से आवाजें उठी थीं. आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान के स्वतंत्रता दिवस मनाने यानि 11 अगस्त को ही ये हमले किए हैं. हमलों के लिए पाकिस्तान ने जिस एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया, वो कोई और नहीं बल्कि अमेरिका के एफ-16 एयरक्राफ्ट हैं.
निशाने पर बलूचिस्तान की अवाम
पहले भी खैबर-पख्तूनख्वा इलाके में पाकिस्तानी वायुसेना इन्हीं फाइटर जेट्स का इस्तेमाल करती आई है और इस बार उनके निशाने पर बलूचिस्तान की अवाम थी. बलूच नेतृत्व ने इस घटना के बाद अमेरिका से खास तौर पर पाकिस्तान को दी जा रही सैन्य सहायता की समीक्षा करने की मांग की है. मीर यार बलूच ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना बलूच नागरिकों के खिलाफ अमेरिका से मिले लड़ाकू विमानों और सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल कर रही है.
बलूच नागरिकों के खिलाफ करने से रोका जाए
उन्होंने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से अपील की कि पाकिस्तान को अमेरिकी लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल बलूच नागरिकों के खिलाफ करने से रोका जाए. इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को स्पेयर पार्ट्स, रक्षा उपकरण, सैन्य सहायता और अन्य सहयोग रोकने की मांग की. मीर यार बलूच ने विशेष रूप से लड़ाकू विमान के इंजन सपोर्ट, अपग्रेड कार्यक्रम और इंजन की मरम्मत से जुड़ी मदद बंद करने की अपील की. उनका कहना है कि ऐसी सहायता से पाकिस्तान की सैन्य क्षमता बनी रहती है और इसका इस्तेमाल बलूच नागरिकों के खिलाफ किया जा सकता है.
युद्ध अपराधों के लिए जवाबदेह
संगठन की मांग है कि पाकिस्तान को युद्ध अपराधों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए और उसके खिलाफ हथियार प्रतिबंध तथा कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएं. साथ ही पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र और आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश घोषित करने की मांग भी की गई है. बलूच नेतृत्व ने अमेरिका के अलावा अफगानिस्तान और अन्य देशों से भी समर्थन मांगा है. उनका कहना है कि एक मान्यता प्राप्त देश के रूप में अफगानिस्तान और उसके सहयोगी अंतरराष्ट्रीय अदालतों तथा संस्थानों में बलूचिस्तान की मदद कर सकते हैं.
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