Washington: अमेरिकी प्रशासन के लिए विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की रिकॉर्ड लंबी तैनाती सवाल बनती जा रही है. करीब नौ महीने से समुद्र में मौजूद इस युद्धपोत के चालक दल की मानसिक सेहत और जहाज पर कथित खराब होती सुविधाओं को लेकर अमेरिकी सैन्यकर्मियों के परिवारों और सांसदों ने चिंता जताई है. इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन चिंताओं पर कहा कि जहाज की तैनाती उनके हिसाब से काफी लंबी नहीं, बल्कि पर्याप्त भी नहीं हुई है.
किसी बंदरगाह पर ठहराव नहीं किया
यूएसएस अब्राहम लिंकन करीब 5,000 सैन्यकर्मियों के साथ 250 से ज्यादा दिनों से समुद्र में है और इस दौरान उसने लंबे समय तक किसी बंदरगाह पर ठहराव नहीं किया है. यह अमेरिकी नौसेना के लिए आधुनिक दौर की असाधारण रूप से लंबी तैनाती है. जहाज ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियानों के समर्थन में मध्य पूर्व में तैनात है. यूएसएस अब्राहम लिंकन को लेकर विवाद तब गहराया जब जहाज पर तैनात कुछ नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई.
समुद्र में छलांग लगाने की कोशिश
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कुछ नाविकों ने समुद्र में छलांग लगाने की कोशिश की. अमेरिकी सांसदों और सैन्य परिवारों ने जहाज पर लंबे समय तक लगातार तैनाती के असर की जांच की मांग की है. हालांकि, अमेरिकी नौसेना ने आत्महत्या की प्रवृत्ति में किसी वृद्धि की पुष्टि नहीं की है. रक्षा विभाग ने भी जहाज की स्थिति को लेकर सामने आई कुछ रिपोर्टों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाने की बात कही है.
अभी लगभग पर्याप्त लंबी नहीं हुई
14 अगस्त को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने यूएसएस अब्राहम लिंकन की लंबी तैनाती को लेकर कहा कि यह अभी लगभग पर्याप्त लंबी नहीं हुई है. ट्रंप ने हालांकि यह भी पुष्टि की कि लिंकन को जल्द ही एक दूसरे विमानवाहक पोत से बदला जाएगा. अमेरिकी प्रशासन के अनुसार यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन को उसकी जगह मध्य पूर्व भेजा जा रहा है.
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