ईरान युद्ध में UAE ने नहीं की पाकिस्तानियों की इज्जत, भारतीयों को मिला सम्मान, संसद में फूटा PAK MP का गुस्सा

Must Read

Islamabad: पाकिस्तान के सांसद और नेशनल असेंबली के पूर्व अध्यक्ष असद कैसर ने पार्लियामेंट में अपने नागरिकों की विदेशी धरती पर अनदेखी का मुद्दा उठाया. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर आरोप लगाया कि उन्होंने पाकिस्तानियों के साथ दोयम दर्जे का बर्ताव किया. पूर्व स्पीकर ने संसद सत्र के दौरान दिए गए अपने बयान की क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की. उन्होंने मंगलवार को संसद में कहा कि जंग शुरू हुई तो हमारे लोगों के साथ सुलूक अच्छा नहीं हुआ.

मैंने महसूस किया मुनासिब नहीं था रवैया 

उनकी इस पीड़ा का संज्ञान स्पीकर ने लिया और निर्देश दिया कि इस मुद्दे को यूएई के सामने पूरी गंभीरता से उठाया जाए. उन्होंने कहा कि मैंने महसूस किया रवैया मुनासिब नहीं था. हमारे डिप्लोमैटिक चैनल को इस पर ध्यान देना चाहिए. लोगों ने मुझसे कहा कि रवैया मुनासिब नहीं है. हम UAE को फलते-फूलते देखना चाहते हैं. लेकिन हमारे लोगों के साथ जो हुआ वो इंसानियत के लिहाज से सही नहीं है. कैसर ने फ्लाइट कैंसिलेशन और भारत अमेरिका को ज्यादा तरजीह देने पर अफसोस जताते हुए कहा कि अनाउंसमेंट हो रही थी कि सिर्फ भारत और अमेरिका के पासपोर्ट वालों को ही जगह मिलेगी.

बर्ताव पर अफसोस

हमने विरोध किया, लेकिन हमें उनके बर्ताव पर अफसोस है. फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को कमरा दिया गया, जबकि पाकिस्तानी यात्रियों को ठहरने की सुविधा नहीं मिली. इस पीड़ा से गुजरने वाले एक प्रतिनिधिमंडल का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा कि उस दिन मुझे लगा कि पाकिस्तान के साथ जो बर्ताव हुआ वह ठीक नहीं था. मेरा मानना ​​है कि हमारे पास डिप्लोमैटिक चैनल हैं. उन्हें यह मामला उठाना चाहिए.

जो बर्ताव हुआ वह ठीक नहीं था

पाकिस्तानी लोग यूएई सरकार की इज्जत करते हैं और उससे प्यार करते हैं. अभी मेरे पास एक डेलीगेशन आया और कहा कि हमारे साथ भी जो बर्ताव हुआ वह ठीक नहीं था. अमेरिका-ईरान झगड़े में पाकिस्तान ने बहुत पॉजिटिव रोल निभाया. मैं फॉरेन ऑफिस और फॉरेन डिपार्टमेंट से मांग करता हूं कि इस मसले को उठाया जाए. यूएई के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (जीसीएए) के पैसेंजर वेलफेयर प्रोग्राम का नियम है कि फ्लाइट रद्द होने या लंबे समय तक देरी पर यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था कराई जाती है.

होटल सुविधा देने का कोई नियम नहीं

होटल, खाना और दूसरी सुविधाएं उनकी परेशानी और इंतजार के समय के लिहाज से दी जाती हैं. वहीं किसी भी देश का पासपोर्ट देख उसके आधार पर अलग-अलग होटल सुविधा देने का कोई नियम नहीं है. कैसर बार-बार विकास में पाकिस्तान की मदद का जिक्र कर रहे थे. दरअसल, यूएई में 18 लाख के करीब पाकिस्तानी रहते हैं. इनमें बड़ी संख्या कंस्ट्रक्शन, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी है.

इसे भी पढ़ें. हिसार में वारदातः कोर्ट परिसर में ताबड़तोड़ गोली मारकर गैंगस्टर विनोद काणा की हत्या, साथी गंभीर

Latest News

KAJARI MAHOTSAV 2026: मुंबई में भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय और लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने यूं साझा किए विचार

KAJARI MAHOTSAV 2026: सपनों की नगरी मुंबई के मलाड ईस्ट स्थित शारदा ज्ञानपीठ इंटरनेशनल स्कूल में 22 अगस्त की...

More Articles Like This