भारत में त्योहारी सीजन में भर्ती में 15-20- उछाल की उम्मीद, 2.5 लाख तक अस्थायी रोजगार सृजित होने की संभावना

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Festive Season Jobs 2026: भारत में त्योहारी सीजन इस साल रोजगार के लिहाज से भी बेहतर रहने की उम्मीद है. भर्ती समाधान और वर्कफोर्स मैनेजमेंट कंपनी एनएलबी सर्विसेज की गुरुवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की दूसरी छमाही में त्योहारी मांग के दौरान भर्ती में 15-20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है. इससे करीब 2 से 2.5 लाख अस्थायी, संविदा और गिग आधारित रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है.

रिपोर्ट के अनुसार, ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, ट्रैवल और कंज्यूमर सर्विसेज जैसे सेक्टरों में भर्ती की मांग सबसे ज्यादा रहने की संभावना है. इस बार खास बात सिर्फ नौकरियों की संख्या बढ़ना नहीं है, बल्कि कंपनियों के भर्ती करने के तरीके में भी बदलाव देखने को मिल रहा है.

त्योहारी सीजन से 12-14 हफ्ते पहले शुरू हो रही भर्ती

रिपोर्ट के मुताबिक, पहले कंपनियां त्योहारी मांग बढ़ने के बाद अंतिम समय में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भर्ती करती थीं. अब कंपनियां पहले से ही वर्कफोर्स की तैयारी करने लगी हैं. कई कंपनियां त्योहारी सीजन शुरू होने से 12 से 14 सप्ताह पहले भर्ती प्रक्रिया शुरू कर रही हैं. इसका मकसद सीजन के दौरान बढ़ने वाली मांग के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और संचालन से जुड़ी चुनौतियों को कम करना है.

कंपनियों की भर्ती रणनीति में आया बदलाव

एनएलबी सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और एशिया-प्रशांत क्षेत्र (APAC) प्रमुख वरुण सचदेवा ने कहा कि त्योहारी सीजन अब भारत के श्रम बाजार के लिए एक तरह की वास्तविक परीक्षा बन चुका है. इसके चलते नियोक्ताओं के व्यवहार में बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा, “नियोक्ता पहले से अधिक तेजी से भर्ती कर रहे हैं, पारंपरिक प्रतिभा केंद्रों से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में प्रतिभा तलाश रहे हैं और प्रौद्योगिकी आधारित, लचीले तथा तुरंत काम के लिए तैयार कर्मचारियों पर अधिक भरोसा कर रहे हैं.”

सचदेवा के अनुसार, जो भर्ती पहले केवल मौसमी जरूरतों को पूरा करने का तरीका मानी जाती थी, वह अब कंपनियों के लिए नई प्रतिभाओं की पहचान करने और भविष्य के स्थायी कर्मचारियों का आधार तैयार करने का रणनीतिक अवसर बन रही है. उनका मानना है कि त्योहारी सीजन के दौरान होने वाली भर्ती का असर सिर्फ त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा और इनमें से कुछ अवसर आगे चलकर लंबे समय के रोजगार में बदल सकते हैं.

डिलीवरी और वेयरहाउसिंग के साथ नई नौकरियों की मांग

रिपोर्ट के मुताबिक, डिलीवरी, वेयरहाउस मैनेजमेंट, फील्ड ऑपरेशंस और हॉस्पिटैलिटी जैसे पारंपरिक क्षेत्र त्योहारी भर्ती के प्रमुख स्रोत बने रहेंगे. इसके साथ ही तकनीक आधारित कंज्यूमर इकोनॉमी के विस्तार से कई नई भूमिकाओं की मांग भी बढ़ रही है. इनमें डार्क स्टोर इन्वेंट्री कंट्रोलर, रिटर्न और रिफंड विशेषज्ञ, ग्राहक समाधान अधिकारी, मार्केटप्लेस ऑपरेशंस विशेषज्ञ, फ्रॉड एवं ट्रांजैक्शन सपोर्ट कर्मी, कैटलॉग मैनेजमेंट अधिकारी और ऑर्डर मैनेजमेंट विशेषज्ञ जैसी नौकरियां शामिल हैं.

टेक्नोलॉजी से बदल रहा रोजगार का स्वरूप

रिपोर्ट के अनुसार, नई भूमिकाओं की बढ़ती मांग बताती है कि भारत की कंज्यूमर इकोनॉमी में टेक्नोलॉजी की भूमिका लगातार बढ़ रही है. जो काम पहले केवल ऑपरेशनल गतिविधियों तक सीमित माने जाते थे, उनमें अब डेटा, ऑटोमेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और रियल-टाइम निर्णय लेने की क्षमता का महत्व बढ़ गया है.

छोटे शहरों में भी बढ़ रहे रोजगार के अवसर

त्योहारी भर्ती का दायरा अब सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है. कुल त्योहारी भर्ती मांग में ऐसे शहरों की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत रहने की संभावना है. इन बाजारों में भर्ती 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है.

जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, चंडीगढ़ और कोच्चि जैसे शहरों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, संगठित रिटेल और क्षेत्रीय वितरण नेटवर्क के विस्तार से इन शहरों में भर्ती गतिविधियों को मजबूती मिल रही है.

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