Iran-US conflictn: मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रही है. बुधवार को यूएस सेंट्रल कमांड की ओर से ईरान के पांच तेल टैंकरों को तबाह किए जाने के बाद तेहरान ने भी पलवार किया है. ईरानी मीडिया ने खबर दी कि आईआरजीसी नेवी ने फारस की खाड़ी में 10 जहाजों (जिनमें यूएस के दो जहाज भी शामिल थे) और होर्मुज स्ट्रेट के पास 10 अन्य जहाजों पर हमला किया.
तेहरान ने जॉर्डन में अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें भी दागीं. हालांकि, जॉर्डन ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने 20 में से 18 मिसाइलों को रोक दिया.
ईरान ने दी थी चेतावनी
इससे पहले, सोमवार को ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि तेहरान की नई कासिम बशीर बैलिस्टिक मिसाइल उसकी मिलिट्री पॉलिसी में बदलाव को दिखाती है. साथ ही चेतावनी दी कि ईरान खतरों के खिलाफ कार्रवाई करेगा.
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसिन रेजाई ने दावा किया कि इस मिसाइल का टेस्ट अमेरिकी युद्धपोत के खिलाफ किया गया था. हालांकि, यह साफ नहीं था कि टेस्ट किया गया हथियार कासिम बशीर ही था या नहीं. ईरानी मीडिया ने कासिम बशीर को एक बड़ी कामयाबी बताया. इस मिसाइल को पिछले साल पेश किया गया था और इसकी रेंज कम से कम 1,200 किलोमीटर बताई गई थी.
क्या कहा अमेरिका ने?
अमेरिका ने कहा कि ईरान ने शनिवार को अमेरिकी युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और जवाब में उसने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया. अमेरिकी नौसेना ने कहा कि उसके युद्धपोत हमलों से बच निकले.
व्हाइट हाउस ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक्सक्लूजन जोन बनाने के रेजाई के प्लान को खारिज कर दिया. उनका कहना है कि यह जलमार्ग खुला रहेगा और अमेरिकी नियंत्रण में रहेगा. अमेरिका ने कहा कि उसकी नौसेना ने स्ट्रेट से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं और ईरान के अलावा दूसरे बंदरगाहों के लिए टैंकरों का आवागमन बढ़ेगा.

