New Delhi: केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर कुछ नियमों में बदलाव किया है. नए नियम के तहत एक रिफिल लेने के बाद अगला सिलेंडर बुक कराने के बीच के समय को 45 दिनों से घटाकर 25 दिन कर दिया गया है. यह शहरों के साथ-साथ गांवों में रहने वाले घरेलू LPG ग्राहकों पर भी लागू की गई है. हालांकि, LPG से जुड़े बदलाव सिर्फ रिफिल की समय-सीमा तक सीमित नहीं हैं. सब्सिडी, बुकिंग, डिलीवरी और घरेलू कनेक्शन से जुड़े नियम भी उपभोक्ताओं के लिए अहम हैं.
आपके लिए कौन-सा नियम लागू
सिलेंडर बुक करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपके लिए कौन-सा नियम लागू है और कहीं किसी शर्त की वजह से बुकिंग में दिक्कत तो नहीं आएगी. अगर आपने अभी तक गैस सिलेंडर के लिए ई केवाईसी नहीं कराई है तो अब नई डेडलाइन जानना बहुत जरूरी है. पहले सरकार ने 7 सितंबर की डेडलाइन रखी थी लेकिन इसे एक हफ्ते के लिए आगे बढ़ा दिया है. अब नई डेडलाइन 14 सितंबर रखी गई है.
ग्राहकों का कनेक्शन अस्थायी रूप से निलंबित
रिपोर्ट के अनुसार, ई-केवाईसी प्रोसेस पूरा न करने पर ग्राहकों को एलपीजी सिलडेंर किस दर पर दी जाएगी, इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई है. अगर ई-केवाईसी की डेडलाइन चूक जाती है तो ग्राहकों का कनेक्शन अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है. इसके अलावा एलपीजी ई-केवाईसी पूरा नहीं होता है तो इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस के ग्राहकों पर प्रोसेस पूरा होने तक अस्थायी रूप से असर पड़ेगा. सरकार ने घरेलू पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए 1 सितंबर से ही प्रोत्साहन योजना लागू की है.
पीएनजी गैस कनेक्शन को बढ़ावा
सुरक्षित और किफायती पाइपलाइन वाली खाना पकाने की गैस लोगों के घरों तक पहुंचे, इसी उद्देश्य के साथ ये पहल शुरू की गई है. इससे भारतीय परिवारों के लिए पीएनजी गैस कनेक्शन को जल्द से जल्द अपनाने में बढ़ावा मिलेगा. सरकार ने ओटीपी वेरिफिकेशन को भी लागू कर दिया है. सिलेंडर बुक करने के बाद ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आता है. इसे डिलीवरी के समय पर ही डिलीवरी बॉय को बताना जरूरी है. बुकिंग रसीद न होने पर, ओटीपी वेरिफिकेशन के बिना गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा.
डिलीवरी ऑथराइज़ेशन कोड बताना जरूरी
एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के समय पर डीएसी यानी डिलीवरी ऑथराइज़ेशन कोड बताना जरूरी हो गया है. ग्राहकों को डिलीवरी एजेंट को डीएसी देना होगा और वेरिफिकेशन के बाद ही डिलीवरी पूरी मानी जाएगी. कुछ ग्राहक पीएनपी गैस का बिल कई महीनों तक नहीं भरते हैं ऐसे में कनेक्शन काट दिया जाएगा. सभी बकाया राशि का पेमेंट करने के बाद ही गैस सर्विस मिलेगी. अगर पीएनजी पाइपलाइन या वाल्व को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया पाया जाता है तो उपभोक्ताओं को उसे ठीक करने का खर्च भी उठाना होगा.
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