श्रीलंका जेल में हिंसा के दौरान भारतीय नागरिक की मौत, पुलिस सुरक्षा के बीच किया गया अंतिम संस्कार

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Colombo: श्रीलंका के पश्चिमी तटीय शहर नेगोंबो की एक जेल में जुलाई में हुए उपद्रव के दौरान भारतीय नागरिक उन्नीकृष्णन एस. के की मौत हो गई थी. बाद में उसके शव को विशेष पुलिस सुरक्षा के बीच दफनाया गया था. अपराध जांच विभाग (CID) ने मंगलवार को नेगोंबो मजिस्ट्रेट अदालत को बताया कि 73 वर्षीय कैदी के शव को अदालत के आदेश के अनुसार दो सितंबर को दफनाया गया और इसका खर्च सरकार ने उठाया था.

जेल में कैदियों के बीच एक भीषण दंगा

दरअसल, जुलाई 2026 में श्रीलंका की नेगोम्बो जेल में कैदियों के बीच एक भीषण दंगा (हिंसा) हुआ, जिसमें उन्नीकृष्णन एस. की मौत हो गई. लगभग दो महीनों तक शव को शवगृह में रखे जाने के बाद, श्रीलंकाई अदालत के आदेश पर 2 सितंबर 2026 को उनका शव सरकारी खर्च पर पुलिस सुरक्षा के बीच दफना दिया गया. CID ने बताया कि कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने भी अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया.

केरल के रहने वाले थे उन्नीकृष्णन 

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्नीकृष्णन एस. के केरल के रहने वाले थे. हालांकि वह चार दशक से अधिक समय से अपने परिवार के साथ चेन्नई में रह रहे थे. रिपोर्टों के अनुसार वह दो मार्च को श्रीलंका पहुंचे थे और गांजा रखने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद उन्हें नेगोंबो जेल भेज दिया गया. जहां पांच और छह जुलाई को कैदियों के बीच हुई हिंसा के दौरान उनकी मौत हो गई.

कपड़े, जूते फॉरेंसिक जांच के लिए अदालत को सौंपा

CID ने मुख्य मजिस्ट्रेट शिलानी पेरेरा को यह भी बताया कि मौत के समय पीड़ित ने जो कपड़े और जूते पहने थे, उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए अदालत को सौंप दिया गया है. अदालत जेल में उपद्रव से जुड़े मामले में संदिग्धों के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही थी. इस दंगे में 22 कैदियों और 10 जेल अधिकारियों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 100 अन्य लोग घायल हुए थे.

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