Nana Patekar Tanushree Dutta: बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर से जुड़े पुराने विवाद पर एक बार फिर अपनी बात रखी है. मीटू आंदोलन के दौरान सामने आए मामले को याद करते हुए उन्होंने दावा किया कि उस दौर में उन्हें काफी मानसिक तनाव और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. तनुश्री के मुताबिक, उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया.
नाना पाटेकर को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए तनुश्री ने कहा, “मेरे लिए तो वे ‘Evil Dead’ ही हैं.” उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में जिन हालात से वह गुजरीं, उनका दर्द वही समझ सकती हैं. उनके इस बयान ने दोनों के बीच सालों पहले शुरू हुए विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है.
केस वापस लेने के लिए दबाव और धमकियों का दावा
तनुश्री ने एक बातचीत में आरोप लगाया कि मामले के दौरान उन्हें कथित तौर पर लालच देने के साथ धमकियां भी मिलीं. उनका कहना है कि केस वापस नहीं लेने के कारण उन्हें परेशान किया गया. अभिनेत्री ने गाड़ी से जुड़े हादसों और फूड पॉइजनिंग की कोशिशों का भी आरोप लगाया. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी से नहीं होती. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के अनुभव अलग होते हैं और उनके साथ जो कुछ हुआ, उसी आधार पर उन्होंने अपनी बात रखी है. तनुश्री के मुताबिक, उस समय की परिस्थितियों ने उनकी जिंदगी और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला.
पांच साल में तैयार हुआ गवाह Nana Patekar Tanushree Dutta
अभिनेत्री ने मामले में एक अहम गवाह को सामने लाने के लिए लंबा संघर्ष करने का दावा भी किया. उनके अनुसार, एक हेयर ड्रेसर को बयान देने के लिए तैयार करने में करीब पांच साल लग गए थे. तनुश्री का आरोप है कि गवाह को लगातार डराया जाता था और उसे अदालत में पेश होने से रोकने की कोशिश की गई. उन्होंने दावा किया कि गवाह ने हलफनामा दिया और अदालत में आकर अपने बयान में कहा कि उसने संबंधित घटनाएं खुद देखी थीं. तनुश्री के मुताबिक, जिस दिन उन्हें लगा कि मामले में उनकी बात सामने आ सकेगी, उसी दिन केस बंद कर दिया गया. अभिनेत्री ने नाना पाटेकर पर केस बंद करवाने का आरोप भी लगाया. हालांकि, यह उनका दावा है और इसे स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्य नहीं माना जाना चाहिए.
‘केस बंद होने का मतलब यह नहीं कि मैं गलत थी’
तनुश्री का कहना है कि किसी मामले का बंद हो जाना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि एक पक्ष सही और दूसरा गलत था. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में दोनों पक्षों की बातें सामने रखने के बाद कार्यवाही समाप्त कर दी गई. उनके मुताबिक, केस के दौरान उन्हें जिस तरह के दबाव का सामना करना पड़ा, उसका असर लंबे समय तक बना रहा. उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुभव को केवल कानूनी नतीजे के आधार पर नहीं समझा जा सकता.
मानसिक तनाव से गुजरने की बात कही
तनुश्री ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि वह पहले बिना किसी डर के बाहर आती-जाती थीं, लेकिन बाद में उनकी स्थिति ऐसी हो गई कि कहीं जाने से पहले भी कई बार सोचना पड़ता था. उन्होंने कहा कि उनके आसपास हुई कुछ घटनाओं ने उन्हें डरा दिया था और वह डिप्रेशन में चली गई थीं. अभिनेत्री ने नाना पाटेकर के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जाहिर की. अपने बयान में उन्होंने उनके निधन का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ बीते समय में जो कुछ हुआ, उसे शब्दों में बताना आसान नहीं है.

