New Delhi: उत्तर कोरिया ने टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है. यह परीक्षण उसके हथियार सिस्टम के एक महत्वपूर्ण हिस्से को और बेहतर बनाने के लिए किया गया था. इसे ‘बड़ी सफलता’ बताया गया है. यह खबर ऐसे समय आई है, जब एक दिन पहले दक्षिण कोरिया की सेना ने प्योंगयांग क्षेत्र से पूर्वी सागर की ओर दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया था. उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रशासन ने 12 अक्टूबर को एक टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया.
यह उन्नयन बड़ी सफलता साबित
इसका मकसद एक अहम तकनीकी हिस्से के उन्नयन से जुड़े शोध की सफलता की पुष्टि करना था. प्रशासन का दावा है कि यह उन्नयन बड़ी सफलता साबित हुआ है, जो सभी आक्रामक हथियार प्रणालियों की क्षमता और तकनीकी स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है. उत्तर कोरिया ने इस परीक्षण को अपनी नियमित गतिविधियों का हिस्सा बताया है. हालांकि, उसने मिसाइल परीक्षण के बारे में ज्यादा तकनीकी जानकारी साझा नहीं की.
उत्तर कोरिया ने कई तरह की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी
दक्षिण कोरिया की ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने पहले बताया था कि उत्तर कोरिया ने कई तरह की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. इनमें से एक मिसाइल ने 900 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की. दक्षिण कोरिया और अमेरिका के अधिकारी अब उनकी तकनीकी विशेषताओं का विस्तृत विश्लेषण कर रहे हैं. जेसीएस के प्रवक्ता कैप्टन जांग डो-यंग ने मंगलवार को कहा कि संभव है कि उत्तर कोरिया ने कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को उसकी अधिकतम सीमा तक दागा हो.
कम दूरी तक परीक्षण के लिए लॉन्च
यह भी संभव है कि उसने मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को कम दूरी तक परीक्षण के लिए लॉन्च किया हो. कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों की मारक क्षमता 300 से 1,000 किलोमीटर तक होती है, जबकि मध्यम दूरी की मिसाइलें 1,000 से 3,000 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं. जांग ने कहा कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका की संयुक्त रक्षा तैयारियां मजबूत हैं और दोनों देश उत्तर कोरिया की हालिया मिसाइलों का पता लगाने और उन्हें रोकने में पूरी तरह सक्षम हैं.
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