Ernakulam: जर्मनी के बोचुम शहर में एक रिहायशी इमारत में लगी आग में मारे गए सिविन जॉनी और अंजलि के शव भारत वापस लाए गए हैं. 25 वर्षीय अंजलि अंजलि शीला जॉय केरल के कोल्लम जिले की निवासी थीं, जबकि 26 वर्षीय सिविन जॉनी एर्नाकुलम जिले के रहने वाले थे. शुक्रवार देर रात दोनों के शव केरल के नेदुम्बसेरी एयरपोर्ट पर पहुंचे. नेदुम्बसेरी एयरपोर्ट पर दोनों के शव पहुंचने के बाद उन्हें मृतकों के परिजनों और प्रतिनिधियों को सौंपा गया. आगे की औपचारिकताओं के लिए उन्हें अलुवा के सीईए अस्पताल ले जाया जाएगा.
अंजलि का शव उनके गृहनगर ले जाया गया
दोपहर 2 बजे घर पर प्रार्थना सभा के बाद सिविन जॉनी का मणिकमंगलम के सेंट रॉकी चर्च में अंतिम संस्कार किया जाएगा. कोल्लम की रहने वाली अंजलि का शव उनके गृहनगर ले जाया गया है. वहीं, इडुक्की की रहने वाली नोवा साबू का शव, जिनकी मौत भी सिविन और अंजलि के साथ आग के दौरान धुआं अंदर जाने से हुई थी, आज रात 8:15 बजे नेदुम्बसेरी हवाई अड्डे पर पहुंचेगा. सिविन जॉनी उच्च शिक्षा के लिए करीब दो हफ्ते पहले ही जर्मनी पहुंचे थे. उनके भाई साल्विन जर्मनी में रहते हैं, जबकि उनकी बहन सिमी आयरलैंड में हैं.
नौकरी के सिलसिले में जर्मनी गई थीं अंजलि
अंजलि शीला जॉय जुलाई में नौकरी के सिलसिले में जर्मनी गई थीं. वहां वह एक वेयरहाउस में काम कर रही थीं. नोवा साबू, सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर केपी साबू और चेम्बाकापारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पब्लिक हेल्थ नर्स के रूप में काम करने वाली पीएन ज्योति की बेटी थीं. वह 3 जुलाई को जर्मनी गई थीं और वहां पार्ट-टाइम जिम ट्रेनर के तौर पर काम कर रही थीं. जर्मनी के नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया राज्य के बोखुम शहर में एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में पिछले सप्ताह आग लगने की घटना हुई थी. इसकी चपेट में आने से तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई.
तीनों जर्मनी में पढ़ाई कर रहे थे
जर्मनी में भारतीय दूतावास ने इस घटना पर दुख जताया और कहा कि तीनों जर्मनी में पढ़ाई कर रहे थे. पुलिस को शक है कि इमारत की निचली मंजिल पर जानबूझकर आग लगाई गई थी. इसके बाद आग इमारत की लकड़ी की सीढ़ियों तक फैल गई, जो बाहर निकलने का मुख्य रास्ता था और गलियारों में धुआं भर गया था. जर्मन पुलिस ने हत्या के संदेह में उसी इमारत में रहने वाले 41 वर्षीय रोमानियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है.
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