US Crime: अमेरिका से रिश्ते की खून की खबर सामने आई है. यहां पत्नी की हत्या के आरोप में भारतीय मूल के एक शख्स को अरेस्ट किया गया है. इस पर अपनी पत्नी की हत्या और पुलिस सहित दूसरी एजेंसियों को गुमराह करने के आरोप हैं.
भारतीय मूल के 28 वर्षीय शख्स ने इससे पहले कैलिफोर्निया में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एजेंटों पर अपहरण का आरोप लगाया. हालांकि, पुलिस जांच में ये बात झूठ साबित हुई और उसके द्वारा हत्या की सच्चाई सामने आ गई.
इस बात को लेकर चल रहा था विवाद
पति गुरिंदर गिल और पत्नी जैस्मीन गिल सैक्रामेंटो स्थित घर में रहते थे. इनके बीच में तलाक और बच्चे की कस्टडी का विवाद चल रहा था. शुरुआत में गुरिंदर ने पुलिस को पत्नी के आईसीई द्वारा हिरासत में लेने की जानकारी दी. बाद में जब जांच में जुटे अधिकारी ने आईसीई से पूछताछ की तो पता चला कि उनकी तरफ से इस तरह की कोई कार्ऱवाई नहीं की गई है.
क्या है आईसीई
आईसीई (ICE) अमेरिकी एजेंसी है, जो आव्रजन नियमों के उल्लंघन के संदेह में लोगों को हिरासत में लेती है. जांच के बाद दोषी पाए जाने पर उस पर सख्त कार्रवाई की जाती है.
इस तरह खुला हत्या का राज
सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ कार्यालय ने 16 अक्टूबर को बयान जारी कर बताया कि जांच के आगे बढ़ने पर मामला खुलने लगा. जांचकर्ताओं को पत्नी के लापता होने के बारे में गुरिंदर के बयानों में कई गलतियां मिलीं. इसके बाद उनके तलाक और बच्चों की कस्टडी के विवाद की जानकारी सामने आई.
भाई ने दी लापता होने की सूचना
भारत की रहने वालीं जैस्मीन गिल के लापता होने की जानकारी उनके चचेरे भाई ने पुलिस को दी थी. जैस्मीन की उम्र 30 साल बताई जा रही है. उनको आखिरी बार 30 सितंबर को सैक्रामेंटो स्थित घर में देखा गया था. चार दिन बाद ही लापता होने की जानकारी सामने आई थी.
जले हुए शव के मिले अवशेष
पुलिस को 1 अक्टूबर को एल डोराडो काउंटी में जले हुए इंसानी शरीर के अवशेष मिले थे. जांच में यह सामने आया कि ये शव जैस्मिन का है. जांच के बाद गुरिंदर को 14 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया. जैस्मीन के घर वालों ने इस घटना पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि वो बेहतर जिंदगी जीने की हकदार थी. आईसीई ने आरोपी गुरिंदर को दिमागी तौर पर अस्थिर शख्स बताया है.

