Sensex opening Bell: कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान में खुला भारतीय शेयर बाजार, 400 अंक फिसला सेंसेक्स 

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Sensex opening Bell: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सुस्त शुरुआत की. यह लगातार छठा दिन है जब बाजार में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं इस हफ्ते का गिरावट का यह लगातार दूसरा दिन है. कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है. दिन के शुरुआत में सेंसेक्स 122.37 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर 73,484.38 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 44.40 अंक यानी 0.20 प्रतिशत गिरकर 22,708.80 पर खुला.

दिन के कारोबार में एक समय सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,606.75 से 395.99 अंक यानी 0.53 प्रतिशत फिसलकर 73,210.76 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद भाव 22,753.20 से 100 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 22,653.20 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया. व्यापक बाजारों ने प्रमुख बेंचमार्कों से बेहतर प्रदर्शन किया. निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.6 प्रतिशत की तेजी आई और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.54 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई.

कई शेयरों में दिखी बिकवाली

वहीं सेक्टरवार देखें तो, शुरुआती कारोबार में आईटी, सीमेंट और ऑयल एंड गैस शेयरों में बिकवाली देखी गई, जबकि फार्मा, हेल्थकेयर और पीएसयू बैंकों में खरीदारी हुई. निफ्टी आईटी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि निफ्टी सीमेंट 0.98 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.53 प्रतिशत नीचे आ गए. वहीं दूसरी ओर, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.68 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 0.44 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर में 0.39 प्रतिशत की तेजी रही. मुद्रा बाजार में, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2 पैसे बढ़कर 95.17 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 95.19 के स्तर पर बंद हुआ था.

बाजार के लिए चुनौतियां

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेंट क्रूड का 114 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहना और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 4.97 प्रतिशत के आसपास रहना, निकट भविष्य में बाजार के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं. विश्लेषकों ने कहा, “मौजूदा कठिन आर्थिक माहौल में एफआईआई जोखिम लेने से बचेंगे (रिस्क-ऑफ मोड में रहेंगे). हालांकि, कॉर्पोरेट सेक्टर के बेहतर होते फंडामेंटल्स – जो दूसरी तिमाही की कमाई में दिख रहे हैं – और घरेलू फंडों का मजबूत प्रवाह बाजार को सपोर्ट देना जारी रखेगा.”

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