गाजीपुर: ग्लोबल जामवन्त मिशन-भारत के तत्वावधान में गत रविवार को भारत सरकार के पूर्व अवकाश प्राप्त सचिव और गाजीपुर के पूर्व जिलाधिकारी डॉ. कमल टावरी (भाई कमला नन्द जी) ने गाजीपुर को स्वावलम्बी, समृद्धिशाली और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रणी बनाने के लिए एक्शन प्लान की घोषणा की. डॉ. टावरी ने कहा कि पूर्वांचल में रोने की पुरातन परंपराओं को समाप्त करने और गांव-गांव में जनशक्ति को जागृत करने की जरूरत है. उन्होंने लोगों को हनुमान जी के रूप में प्रेरित करते हुए जामवन्त जी की भूमिका के अनुरूप अत्याधुनिक जैविक-वैज्ञानिक खेती, उत्कृष्ट बागवानी, हर्बल एवं औषधीय खेती, तकनीकी उपयोगी पशुपालन, विद्यमान शिल्पकला, लघु उद्योग और वैश्विक गुणवत्ता वाली प्रोसेसिंग के माध्यम से अधिकाधिक लाभ अर्जित करने की व्यवस्था पर जोर दिया.
उन्होंने कहा कि गांवों में रह रहे अनुभवी विशेषज्ञों, अवकाश प्राप्त सरकारी, अर्द्धसरकारी और सहकारी कर्मियों तथा प्रबुद्धजनों को सम्मानपूर्वक एकत्रित कर जामवन्त जी की भूमिका में सक्रिय किया जाएगा. गैर सरकारी, असरकारी, स्वाभिमानी और स्वावलम्बी समग्र विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार करने का प्रयास किया जाएगा.
महिलाओं और युवतियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए किशोर न्याय बोर्ड गाजीपुर की वर्तमान सदस्या माया सिंह ने युवतियों और प्रशिक्षित महिलाओं से संस्था में सक्रिय जनभागीदारी निभाने की अपील की. उन्होंने गाजीपुर के विकास कार्यक्रमों में तन-मन-धन से समर्पित होकर जुड़ने की जरूरत बताई.
विकसित गाजीपुर-2047 के लिए हर स्तर पर सहयोग का आश्वासन
विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवन्त ने डॉ. कमल टावरी के आग्रह पर सड़क से संसद तक हर स्तर पर समस्याओं का समाधान कराने और विकसित गाजीपुर-2047 को नेतृत्व प्रदान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से जुटने का आश्वासन दिया.
वन क्षेत्र बढ़ाकर 33 प्रतिशत करने का आह्वान
वन विभाग के अवकाश प्राप्त विशेषज्ञ के.पी. दुबे ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए वर्तमान 0.1 प्रतिशत फॉरेस्ट कवर को यथाशीघ्र वांछित 33 प्रतिशत तक पहुंचाने का आह्वान किया. उन्होंने इसके लिए जामवन्त से प्रेरित युवाओं और महिलाओं को सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही.
पत्रकारों और संपादकों से आगे आने की अपील
संतुलित और समग्र विकास कार्यक्रमों को गति देने के लिए डॉ. टावरी ने जिले में कार्यरत संपादकों, पत्रकारों और छायाकारों से आगे आने की अपील की. उन्होंने विकास कार्यों में नेतृत्व और प्रेरणा को आज की अनिवार्यता बताया.
आठ मोड में निदेशकों की नियुक्ति का निर्णय
गोष्ठी में सर्वसम्मति से गाजीपुर के सभी पिछड़े क्षेत्रों के लिए आठ मोड में बिंदुवार निदेशकों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया. विशेष उपलब्धियां हासिल करने वाले जामवन्त और हनुमान जी की भूमिका निभाने वाले लोगों को विशेष दायित्व सौंपने पर भी सहमति बनी.
ऋण-जमा अनुपात में 60 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य
गाजीपुर से हो रहे धन के पलायन को रोकने के लिए सीडीआर (ऋण-जमा अनुपात) में तत्काल 60 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया. इसके साथ ही एनआरआई को संगठित कर उनकी सक्रिय और प्रेरक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. ग्राम और ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध कच्चे माल, श्रमशक्ति और अन्य संसाधनों का शत-प्रतिशत सदुपयोग सुनिश्चित करते हुए हर हाथ को काम दिलाना ग्लोबल जामवन्त मिशन-भारत का पहला दायित्व निर्धारित किया गया.
परंपरागत विधाओं और सरकारी योजनाओं के समन्वय से विकास
एक्शन प्लान के तहत मुख्यमंत्री और जिले के प्रबुद्धजनों के सहयोग से विकास के अधूरे और अब तक छूटे कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया गया. केंद्र और राज्य की नीतिगत योजनाओं के साथ जनशक्ति की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा गाय, गोबर, प्राकृतिक खेती, जड़ी-बूटियों और अन्य परंपरागत विधाओं के माध्यम से विकास को बढ़ावा देने की बात कही गई.
वैश्विक विपणन के जरिए गाजीपुर के लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं और सुविधाओं की पूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नवंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में मिशन निदेशकों के माध्यम से जनशक्ति को जागृत कर विकास कार्यक्रम युद्ध स्तर पर शुरू कराने का निर्णय लिया गया. इसके बाद डॉ. कमल टावरी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक भी आयोजित की जाएगी.
एक्शन प्लान कमेटी के गठन की जिम्मेदारी डॉ. विजयनारायण तिवारी को
एक्शन प्लान के नियोजित और सफल क्रियान्वयन को प्रभावी स्वरूप देने के लिए जिला संयोजक डॉ. विजयनारायण तिवारी को एक्शन प्लान कमेटी के गठन की जिम्मेदारी सौंपी गई. उद्देश्य गाजीपुर को 2047 तक समृद्ध और विकसित बनाकर पूरे देश के सामने एक व्यावहारिक प्रेरक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करना है.
गोष्ठी में कई प्रबुद्धजन और समाजसेवी रहे उपस्थित
गोष्ठी में उमेश चन्द्र राय, बृजभान सिंह, डॉ. व्यास मुनी राय, प्रदीप कुमार सिंह, ब्रजभूषण दूबे, रंगबहादुर सिंह, वीरेन्द्र पाल, कामेश्वर द्विवेदी, ज्ञानेन्द्र कुमार राय, धर्मदेव सिंह यादव, कुंजबिहारी राय, बादशाह राही, वनबिहारी सिंह सहित दर्जनों प्रबुद्ध समाजसेवी, विशेषज्ञ, महिलाएं और पत्रकार उपस्थित रहे. कार्यक्रमों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सूर्य कुमार सिंह ने समापन किया. कार्यक्रम में 25 उत्कृष्ट कार्य करने वाले अपवादियों का अभिनंदन किया गया और डॉ. कमल टावरी के कर-कमलों द्वारा उन्हें सम्मानपूर्वक अभिनंदन प्रमाणपत्र प्रदान किए गए.

