Sensex opening Bell: मजबूत घरेलू और वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ हरे निशान में खुला. अमेरिकी-ईरान वार्ता में सफलता की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत से ज्यादा तक की तेजी दर्ज की गई. बीएसई सेंसेक्स पिछले बंद भाव 74,459.53 के मुकाबले 75,178.24 पर खुला, जो 718.71 अंकों या 0.96 प्रतिशत की तेजी को दर्शाता है.
वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने अपने पिछले बंद भाव 23,053.10 से 169.2 अंक या 0.73 प्रतिशत उछलकर 23,222.30 पर सत्र की शुरुआत की. दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 906.53 अंकों यानी 1.21 प्रतिशत की तेजी दर्ज करते हुए 75,366.06 का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि निफ्टी ने 248.15 अंकों यानी 1.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,301.25 का उच्चतम स्तर छुआ.
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.83% की तेजी
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.83 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं सेक्टरवार देखें तो, सबसे ज्यादा मजबूती ऊर्जा क्षेत्र में देखने को मिली। निफ्टी ऑयल एंड गैस सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक उछल गया. इसके अलावा निफ्टी ऑटो 0.77 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया. दूसरी ओर रियल्टी और मीडिया शेयरों में हल्की कमजोरी रही। निफ्टी रियल्टी 0.74 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.06 प्रतिशत नीचे रहा.
भारतीय बाजार में तेजी लौटने के संकेत
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय बाजार में तेजी लौटने के स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे हैं. इसके पीछे घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर सकारात्मक कारक काम कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमतों में पिछले सप्ताह के 118 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर से गिरावट आकर लगभग 110 डॉलर तक पहुंचना बाजार के लिए राहत की बात है. इसके साथ ही अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 4.93 प्रतिशत तक नीचे आना भी निवेशकों की धारणा को समर्थन दे रहा है.
नैस्डैक में 2.8 प्रतिशत की गिरावट
विश्लेषकों का मानना है कि एआई आधारित वैश्विक निवेश थीम में कमजोरी का भारत को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है. पिछले सप्ताह नैस्डैक में 2.8 प्रतिशत की गिरावट के बाद निवेशकों की रुचि अन्य बाजारों की ओर बढ़ रही है और भारत को इसका फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है. विश्लेषकों ने आगे कहा कि घरेलू मोर्चे पर भी कई मजबूत संकेत दिखाई दे रहे हैं. बैंकिंग क्षेत्र में 17.94 प्रतिशत की क्रेडिट ग्रोथ और अक्टूबर में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह ने यह संकेत दिया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है. बाजार में यह भी चर्चा है कि आगामी केंद्रीय बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (एलटीसीजी) टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं.

