यूएस में 60 साल बाद फिर ‘मांस खाने वाला कीड़े’ का खौफ, अमेरिकी सरकार छोड़ेगी 60 करोड़ बांझ मक्खियां

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Flesh-Eating Parasites: अमेरिका में 60 साल बाद फिर से एक ऐसा खतरनाक कीड़ा सामने आया है जिसे “मांस खाने वाला कीड़ा” कहा जाता है. इस किड़े का नाम स्क्रूवर्म है, जिसने अमेरिकी सरकार की चिंता बढ़ा दी है. इंसानों के लिए भी बेहद ही खतरनाक माने जाने वाले इस कीड़े को फैलने से रोकने के लिए अब अमेरिका की सरकारी एजेंसियां तैयारी कर रही हैं. इसके लिए उन्होंने प्लान बनाया है कि करोड़ों बांझ मक्खियों को छोड़ा जाएगा और खास कुत्तों का सहारा लिया जाएगा.

क्यों खतरनाक है यह कीड़ा?

बता दें कि यह “स्क्रूवर्म” एक परजीवी मक्खी होती है. यह मादा मक्खी खुले घावों और शरीर के नम हिस्सों में अपने अंडे देती है. जब ये अंडे फूटते हैं, तो सैकड़ों छोटे कीड़े (लार्वा) तेज दांतों जैसे मुंह से जिंदा मांस को काटते हुए अंदर घुस जाते हैं. यह काम यह मक्खी इंसानों से लेकर जानवरों तक में कर सकती है.

इसी बीच 3 जून को अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि 60 साल में पहली बार यह मामला मिला है. यह एक तीन हफ्ते के बछड़े में पाया गया, और इसके लार्वा उसकी नाभि में मिले. इस खतरे से इंसानों को कम जोखिम है, लेकिन गाय-भैंस पालने वाले किसानों को डर है कि इससे बीफ (मांस) के बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है.

फैलने का डर

अधिकारियों के मुताबिक, मामला अमेरिका के टेक्सास के ला प्रायर नाम के शहर में मिला, जो मेक्सिको की सीमा से लगभग 30 मील दूर है. रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने 20 किलोमीटर का “कंट्रोल जोन” बना दिया है. इस इलाके में क्वारंटीन लगा है, आवाजाही पर रोक है और यहां निगरानी भी रखी जा रही है.  ध्यान देने वाला बात ये है कि स्क्रूवर्म के लार्वा बढ़कर मक्खियां ही बनते हैं और थोड़ी दूरी तक उड़ सकते हैं. लेकिन लंबी दूरी तक फैलने का मुख्य तरीका इंसानों के जरिए होता है.

क्या है अमेरिकी सरकार का प्लान?

पहली योजना- बांझ मक्खियां

अमेरिकी सरकार की पहली योजना ये है कि करोड़ों बांझ की हुईं स्क्रूवर्म मक्खियां छोड़ी जाएं. दरअसल, मादा मक्खी जीवन में सिर्फ एक बार ही मेट करती है. ऐसे में अगर वह इन छोड़े गए बांझ नर मक्खियों से मेटिंग करें तो उसके अंडे नहीं बनते और वे नहीं फूटते. इसे “स्टरल इंसेक्ट टेक्निक” कहा जाता है. इसमें मक्खियां बंद जगह में पैदा की जाती हैं और फिर उन्हें रेडिएशन देकर बांझ बनाया जाता है. इसके बाद उन्हें जंगल में छोड़ा जाता है.

हालांकि इस प्लानिंग को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के सामने एक बड़ी दिक्कत है. उनका कहना है कि इस मांस खाने वाली मक्खियों से लड़ने के लिए हर हफ्ते लगभग 60 करोड़ बांझ मक्खियां चाहिए होंगी. लेकिन अभी अमेरिका और मेक्सिको के लैब मिलकर लगभग हर हफ्ते केवल 10 करोड़ मक्खियां ही बना सकते हैं.

दूसरी योजना- स्पेशल कुत्ते

वहीं सरकार की दूसरी योजना ये है कि अमेरिका सीमा पर “बीगल ब्रिगेड” नाम के खास सूंघने वाले कुत्ते भी तैनात किए जा रहे हैं. ये कुत्ते इन खास मक्खियों का सूंघकर पता लगा लेते हैं. अभी के लिए अधिकारियों का कहना है कि इस खतरनाक परजीवी के फैलने से रोकने के लिए, पशुपालकों को अपने पशुओं के घावों को ढककर रखना चाहिए. साथ ही लोगों को अपनी और अपने पालतू जानवरों की भी जांच करनी चाहिए और पता चलने पर तुरंत अधिकारियों को सूचित करना चाहिए.

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