समुद्र में मिले कभी न मरने वाले ‘जॉम्बी’! कटे हुए अंग भी सालों-साल रहते है जिंदा

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Osedax worms: समुद्र की गहराइयों में रहने वाले एक छोटे से जीव ने वैज्ञानिकों को हैरान कर रखा है. सोचिए, यदि किसी जीव का शरीर काट दिया जाए और उसके अलग हुए टुकड़े मरने के बजाय खुद को ठीक करने लगें, बढ़ने लगें और बिना मुंह के भी जिंदा रहें, तो क्या उसे सच में “जिंदा” कहा जाएगा? इस समय यही सवाल वैज्ञानिकों के सामने खड़ा है.

दरअसल, उत्तरी अटलांटिक महासागर में पाए जाने वाले एक समुद्री जीव ने Psolus fabricii (पसोलस फैब्रिकी) विज्ञान की दुनिया को चौंका दिया है. यह समुद्री खीरे यानी “सी कुकुंबर” की एक प्रजाति है.वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब पसोलस फैब्रिकी के शरीर के कुछ हिस्से अलग हो गए, तो वे सामान्य तरीके से सड़कर खत्म नहीं हुए. उल्टा वे बढ़ते हुए दिखाई देने लगे, जो सभी को हैरान करने वाला था.

एक्सपेरिमेंट के नतीजो ने उड़ाए सभी के होश 

ऐसे में वैज्ञानिकों ने इस रहस्य को समझने के लिए और एक्सपेरिमेंट किए. उन्होंने इस समुद्री जीव के पैर, मुख्य शरीर और टेंटेकल यानी बाहरी हिस्सों से छोटे-छोटे टुकड़े अलग किए और उन्हें सामान्य समुद्री पानी में रखा. इस दौरान जो नतीजे सामने आए, उसने सबको चौंका दिया. दरअसल, कटे हुए हिस्से मरने से मानो इनकार कर रहे थे. वे खुद को ठीक कर रहे थे और सबसे हैरानी वाली बात यह थी कि उनके पास मुंह नहीं था, फिर भी वे पोषण ले पा रहे थे.

“टिश्यू अमरता” का यह पहला मामला

बता दें कि यह रिसर्च बुधवार को साइंस एडवांसेज जर्नल में छपी है, जिसकी मुख्य लेखिका सारा जॉबसन ने कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियों में “टिश्यू अमरता” का यह पहला मामला है. उन्होंने बताया कि ये समुद्री जीव पहले से ही अपने शरीर के हिस्से दोबारा उगाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं. उन्होने कहा कि यदि इनका कोई टेंटेकल या पैर टूट जाए, तो वह फिर से उग आता है. हालांकि वैज्ञानिकों ने यह कभी नहीं देखा था कि टूटकर अलग हुए हिस्सों का क्या होता है, क्योंकि सभी मानते थे कि वे मर जाते होंगे.

हालांकि ये कटे हुए हिस्से नए जीव में नहीं बदले. वे बस अपने आप जिंदा बने रहे. यही वजह है कि वैज्ञानिक उन्हें मजाक में “जॉम्बी” कह रहे हैं. सारा जॉब्सन ने कहा कि ये टिश्यू मानो जिंदगी और मौत के बीच की सीमा पर खड़े हैं. फिलहाल  सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये छोटे-छोटे टुकड़े आखिर क्यों खुद को जिंदा रख रहे हैं, जबकि उनका कोई प्रजनन उद्देश्य भी नहीं है. आखिर ऐसा कौन-सा विकासवादी कारण है जो उन्हें ऐसा करने की क्षमता देता है?

“टिश्यू अमरता” का यह पहला मामला रहे कटे टिश्यू 

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये कटे हुए टिश्यू तीन साल से भी ज्यादा समय तक जिंदा बने रहे. वैज्ञानिकों के मुताबिक, उनमें सड़ने, खराब होने या कोशिकाओं के मरने के कोई संकेत नहीं दिखे. ऐसे में अब उनका मानना है कि यह रिसर्च भविष्य में इंसानी शरीर के घाव भरने, उम्र बढ़ने और शरीर के हिस्सों को दोबारा बनाने जैसी चीजों को समझने में मदद कर सकती है.

Latest News

कल्याण मंडप है क्षेत्र की जनता के कल्याण का उद्घोष: डॉ. दिनेश शर्मा

राज्यसभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने अटल शताब्दी वर्ष के अवसर पर लखनऊ के संत सुदर्शनपुरी स्थित नगर निगम कल्याण मंडप के ₹2.50 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय विकास और जनसुविधाओं को नई दिशा देगी.

More Articles Like This