02 March 2026 Ka Panchang: सोमवार का पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

02 March 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. ज्योतिष हिंदू पंचांग से रोजाना शुभ अशुभ मुहूर्त राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हैं. आइए काशी के ज्योतिष से जानते हैं 02 मार्च, दिन सोमवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के बारे में…

आज का पंचांग 

2 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि और सोमवार का संयोग है. यह चतुर्दशी तिथि शाम 5 बजकर 56 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी. फाल्गुन पूर्णिमा का समापन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 8 मिनट पर होगा. 2 मार्च को सुबह 7 बजकर 52 मिनट तक आश्लेषा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद मघा नक्षत्र शुरू हो जाएगा. साथ ही सोमवार होने के कारण इस दिन व्रतादि की पूर्णिमा मानी जाएगी और पृथ्वी लोक की अशुभ भद्रा भी रहेगी.

2 मार्च 2026 का शुभ मुहूर्त

  • फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि– 2 मार्च 2026 को शाम 5 बजकर 56 मिनट तक, इसके बाद पूर्णिमा तिथि लग जाएगी
  • फाल्गुन पूर्णिमा तिथि का समापन- 3 मार्च को शाम 5 बजकर 8 मिनट पर
  • आश्लेषा नक्षत्र- 2 मार्च को सुबह 7 बजकर 52 मिनट तक आश्लेषा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद मघा नक्षत्र लग जाएगा
    2 मार्च 2026 विशेष- प्रथ्वी लोक की भद्रा, फाल्गुन व्रतादि पूर्णिमा

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- सुबह 08:13 से सुबह 09:40 तक
  • मुंबई- सुबह 08:26 से सुबह 09:54 तक
  • चंडीगढ़- सुबह 08:15 से सुबह 09:42 तक
  • लखनऊ- सुबह 07:57 से सुबह 09:24 तक
  • भोपाल- सुबह 08:09 से सुबह 09:37 तक
  • कोलकाता- सुबह 07:25 से सुबह 08:53 तक
  • अहमदाबाद- सुबह 08:29 से सुबह 09:57 तक
  • चेन्नई- सुबह 07:54 से सुबह 09:23 तक

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय – 6:51 AM
सूर्यास्त – 6:26 PM
चन्द्रोदय – Mar 02 5:33 PM
चन्द्रास्त – Mar 03 6:34 AM

फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व

फाल्गुन पूर्णिमा इस वर्ष दो दिनों तक पड़ रही है. परंपरा के अनुसार जब पूर्णिमा तिथि दो दिन रहती है, तो पहले दिन व्रत और पूजा की पूर्णिमा मनाई जाती है, जबकि दूसरे दिन स्नान-दान की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है. शास्त्रों में फाल्गुन पूर्णिमा को धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत रखने और पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न जानकारियों पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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