06 May 2026 Ka Panchang: आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. पंचांग के अनुसार आज चतुर्थी से पंचमी तिथि का परिवर्तन होगा और मूल नक्षत्र के बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. दिन में कई शुभ चौघड़िया उपलब्ध हैं जिनमें नए कार्यों की शुरुआत की जा सकती है.आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा, इसलिए यात्रा से बचना चाहिए. राहु काल दोपहर 12:00 से 1:30 तक रहेगा. आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि धनु होगी, जो ज्ञान, साहस और धार्मिक प्रवृत्ति का प्रतीक मानी जाती है. आइए काशी के ज्योतिष से जानते हैं 06 मई, दिन बुधवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के बारे में…
आज का पंचांग
- विक्रम संवत् – 2083
- संवत्सर नाम – रौद्र
- शक संवत् – 1948
- हिजरी सन् – 1447
- मु. मास – 18 जिल्काद
- अयन – उत्तरायण
- ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
- मास – प्रथम ज्येष्ठ (शुद्ध)
- पक्ष – कृष्ण
आज का चौघड़िया
| क्रमांक | चौघड़िया प्रकार | समय अवधि | उपयोगिता |
|---|---|---|---|
| 1 | लाभ / अमृत | सूर्योदय से 9:06 तक | अत्यंत शुभ, सभी कार्यों के लिए उत्तम |
| 2 | शुभ | 10:45 से 12:23 तक | नए कार्य, पूजा, निवेश के लिए अच्छा |
| 3 | चर | 3:41 से 5:19 तक | यात्रा और गतिशील कार्यों के लिए अनुकूल |
| 4 | लाभ | 5:19 से सूर्यास्त तक | आर्थिक कार्य, सौदे और शुभ शुरुआत के लिए श्रेष्ठ |
- दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए.
- राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 12.00 से 1.30 तक
- तिथि – चतुर्थी तिथि प्रातः 7.52 तक होगी तदुपरान्त पंचमी तिथि होगी.
- नक्षत्र – मूल नक्षत्र दिन 3.54 तक रहेगा तदुपरान्त पूर्वाषाढा़ नक्षत्र होगा.
- योग – सिद्ध योग रात्रि 1.12 तक रहेगा तदुपरान्त साध्य योग रहेगा.
- करण – बालव करण प्रातः 7.52 तक रहेगा तदुपरान्त कौलव करण रहेगा.
- विशिष्ट योग – यमघंट योग सूर्योदय से दिन 3-54 तक, कुमारयोग प्रातः 7-52 से दिन 3-54 तक
- व्रत / दिवस विशेष – चतुर्थी तिथि वृद्धि, गंडमूल दिन 3-54 तक,
- चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि धनु राशि में होगा.
- ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – बुध का भरणी नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 3-58 पर, प्लूटो ग्रह वक्री रात्रि 9-00 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे
- आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि धनु होगी.
- आज दिन 3.54 तक जन्म लेने वाले बच्चों का मूल नक्षत्र होगा तदुपरान्त पूर्वाषाढा़ नक्षत्र होगा.
- आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा.
- आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर भ, भी, भू, धा, फा पर रखे जा सकते हैं.
धनु राशि का स्वामी बृहस्पति होने के कारण इस राशि के जातक बुद्धिमान और समझदार माने जाते हैं, लेकिन इन्हें जल्दी गुस्सा भी आ जाता है. इनमें विवेक, शक्ति और पराक्रम की भरपूर क्षमता होती है. इनका स्वभाव सौम्य, शांत और सरल होता है. ये धार्मिक प्रवृत्ति के, उदार हृदय वाले और परोपकारी होते हैं. साथ ही संवेदनशीलता, करुणा और दया जैसे गुण भी इनमें प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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