Mother Dairy Milk Price: मदर डेयरी ने बढ़ाए दूध के दाम, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Mother Dairy Milk Price: महंगाई के बीच आम लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है. मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है. कंपनी ने अलग-अलग श्रेणी के दूध पर 2 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की है. नई कीमतें 14 मई 2026 से लागू होंगी. बढ़ती खरीद लागत और किसानों को अधिक भुगतान का हवाला देते हुए कंपनी ने यह फैसला लिया है.

मदर डेयरी का कहना है कि पिछले एक साल में किसानों से दूध खरीदने की लागत करीब 6 प्रतिशत तक बढ़ गई है. ऐसे में लंबे समय तक कीमतों को स्थिर रखने के बाद अब दाम बढ़ाना जरूरी हो गया था. कंपनी के इस फैसले का सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ने वाला है, क्योंकि दूध रोजाना इस्तेमाल होने वाली सबसे जरूरी वस्तुओं में शामिल है.

अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दाम

मदर डेयरी से पहले अमूल भी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर चुका है. अमूल ने भी अलग-अलग श्रेणी के दूध पर 2 रुपये प्रति लीटर तक दाम बढ़ाए थे. कंपनी का कहना था कि दूध उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है और किसानों को उचित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कीमतों में संशोधन जरूरी था. अमूल के मुताबिक वह अपनी कुल कमाई का लगभग 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा किसानों को देती है ताकि दूध उत्पादन और किसानों की आय दोनों प्रभावित न हों.

दिल्ली-एनसीआर में क्या होंगी नई कीमतें

नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में दूध खरीदना पहले से महंगा हो जाएगा. मदर डेयरी का खुला टोंड दूध अब 58 रुपये प्रति लीटर मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 56 रुपये थी. फुल क्रीम दूध का पाउच अब 72 रुपये प्रति लीटर हो गया है. टोंड मिल्क की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर और डबल टोंड दूध 54 रुपये प्रति लीटर तय की गई है. वहीं गाय का दूध अब 62 रुपये प्रति लीटर में मिलेगा.

रोजाना 35 लाख लीटर दूध की बिक्री

मदर डेयरी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रोजाना करीब 35 लाख लीटर दूध की बिक्री करती है. कंपनी देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों में शामिल है और दूध के अलावा दही, घी, पनीर और खाद्य तेल जैसे कई उत्पाद भी बेचती है. पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने डेयरी उत्पादों और खाद्य तेलों की मजबूत मांग के चलते लगभग 20,300 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 17 प्रतिशत ज्यादा था.

घरेलू बजट पर बढ़ेगा असर

कंपनी का कहना है कि लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखी गई थीं ताकि ग्राहकों पर बोझ न पड़े. लेकिन अब लागत बढ़ने के कारण यह कदम उठाना जरूरी हो गया. दूध रोजाना इस्तेमाल होने वाली वस्तु है, इसलिए इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों के घरेलू खर्च पर पड़ेगा.

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