वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 2022-23 को आधार वर्ष मानते हुए नई WPI सीरीज लॉन्च की है. मई 2026 में थोक महंगाई दर 9.68 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि WPI बास्केट में वस्तुओं की संख्या बढ़ाकर 957 कर दी गई है.
अल नीनो की बढ़ती संभावना और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच महंगाई को लेकर नई चिंता सामने आई है. बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में आने वाले महीनों में खाद्य और ईंधन महंगाई बढ़ने का जोखिम जताया गया है.
SBI की रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया है कि RBI जून में होने वाली MPC बैठक में रेपो रेट नहीं बढ़ा सकता. रिपोर्ट में महंगाई, GDP ग्रोथ, रुपए की कमजोरी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी अहम अनुमान लगाए गए हैं.
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और सोना-चांदी पर बढ़े आयात शुल्क के बाद महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आने वाले समय में आम लोगों पर इसका असर बढ़ सकता है.
पेट्रोल-डीजल और अन्य जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों के बीच अब दूध भी महंगा होने जा रहा है. केरल की प्रमुख डेयरी कंपनी मिल्मा ने 1 जून से दूध की कीमतों में 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ सकता है.
देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है. चार दिनों में दूसरी बार बढ़े दामों के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है. जानिए IOCL अधिकारी ने क्या कहा.
महंगाई के बीच अब ब्रेड की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है. मुंबई में अलग-अलग प्रकार की ब्रेड पर 5 रुपये तक की बढ़ोतरी लागू की गई है, जिससे आम लोगों के रोजाना के खर्च पर असर पड़ सकता है.
बीते 48 घंटे में आम लोगों को महंगाई के लगातार 4 बड़े झटके लगे हैं. सोना-चांदी, दूध, पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतें बढ़ने से घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है.
देश में पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतें बढ़ने के बाद अब घरेलू LPG सिलेंडर के दाम बढ़ने की आशंका तेज हो गई है. वैश्विक तनाव के बीच ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है.
दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दाम बढ़ गए हैं. नई दरों के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत कई शहरों में लोगों को अब ज्यादा पैसे चुकाने होंगे.